Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल के समर्थन में आए अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख, जानिए उन्होंने क्या कहा?
Waqf Bill: देश में वक्फ संशोधन बिल को लेकर जारी विवाद और बहस के बीच ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। उन्होंने इस बिल के खिलाफ मुसलमानों को भड़काने वालों की आलोचना की है।

जानिए उन्होंने क्या कहा?
अजमेर में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, 'भारत सरकार जो वक्फ (संशोधन) विधेयक ला रही है, उसने अपनी मंशा पहले ही जाहिर कर दी थी। जे.पी.सी. ने सभी पक्षों को बहुत धैर्य से सुना है और सरकार को रिपोर्ट भेजी है। हमें उम्मीद है कि जो विधेयक आएगा, वह अच्छा होगा।'
'भावनाएं भड़काने की कोशिश गलत है'
उन्होंने आगे कहा कि, मेरा मानना है कि मौजूदा वक्फ एक्ट में बदलाव की जरूरत है और इससे किसी को डरने की जरूरत नहीं है। हमें सिर्फ सरकारी बयानों पर ही विश्वास करना चाहिए। भावनाएं भड़काने की कोशिश की जा रही है, जो गलत है।'
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कई मौलवी बिल का समर्थन कर रहे हैं- जगदंबिका पाल
वहीं इसको लेकर मुस्लिम संगठनों की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन पर जेपीसी के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि, 'जहां कई मुस्लिम मौलवी इस बिल का समर्थन कर रहे हैं, वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस पर आपत्ति जता रहा है। अलविदा की नमाज के दिन उन्होंने लोगों से इस बिल के विरोध में काली पट्टी बांधने को कहा था और आज ईद पर भी उन्होंने लोगों से इस बिल का विरोध करने को कहा। पहले संशोधित कानून तो आने दीजिए।'
जानिए कब पेश होगा बिल?
उन्होंने आगे कहा, 'आज मुसलमान मोदी जी को सौगात-ए-मोदी के लिए धन्यवाद दे रहे हैं। जब हम सबका साथ, सबका विकास की बात कर रहे हैं, कांग्रेस, ओवैसी और एआईएमपीएलबी मुसलमानों को वोट बैंक की तरह देख रहे हैं, तुष्टीकरण कर रहे हैं...इस बिल पर 1.25 करोड़ लोगों ने अपना प्रतिनिधित्व भेजा है। हमने जम्मू-कश्मीर के मीरवाइज उमर फारूक सहित पूरे देश से लोगों की बात सुनी है। बीएसी जो तारीख देगी, उसी दिन बिल पेश किया जाएगा।'
सौगात-ए-मोदी' पर क्या बोले सैयद नसरुद्दीन
वहीं ईद से पहले बांटे गए 'सौगात-ए-मोदी' किट पर ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन और अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख के उत्तराधिकारी सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि, 'हम सौभाग्यशाली हैं कि हम ऐसे देश में रह रहे हैं, जिसकी गंगा-जमुनी संस्कृति है। कल चेटी चांद था, नवरात्रि चल रही है और आज ईद-उल-फितर है।'
'मुझे पूरा भरोसा है कि आज पूरे भारत में आप लोगों को इन त्योहारों पर एक-दूसरे को बधाई देते हुए देखेंगे। मिलजुल कर रहना देश की संस्कृति है और यही हमारी ताकत है। पीएम मोदी ने सुनिश्चित किया है कि 'सौगात-ए-मोदी' देश के 22 लाख लोगों तक पहुंचे...मेरा मानना है कि वक्फ बिल में संशोधन की जरूरत है। मुझे पूरा भरोसा है कि यह बिल पारदर्शिता लाएगा।'












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