पासपोर्ट निरस्त होने के कारण भारत वापस नहीं लौट पा रहा हूं: विजय माल्या
नई दिल्ली। देश के बैंकों का 9000 करोड़ रुपया लेकर भाग गए विजय माल्या ने दिल्ली की पटियाला हाईकोर्ट में कहा है कि वो भारत वापस लौटना चाहते हैं। पर पासपोर्ट निरस्त होने के कारण वो ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।

विजय माल्या के वकील ने दिल्ली की पटियाला हाईकोर्ट में बताया कि माल्या इस मामले में कोर्ट का सहयोग करना चाहते हैं। पर उनका वापस आना ऐसे हालात में अंसभव है।
इससे पहले देश के सरकारी बैंकों का हजारों करोड़ों रुपया लेकर विदेश भाग गए विजय माल्या की 6630 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी को प्रवर्तन निदेशालय जब्त कर चुका है।
ईडी ने 3 सितंबर को कार्रवाई करते हुए विजय माल्या की बेंगलुरू, मुंबई और अन्य शहरों में स्थित संपत्ति को अटैच किया था । ईडी अभी तक कुल 8,044 करोड रुपए की संपत्ति अटैच कर चुका है।
SBI की शिकायत पर सीबीआई ने किया माल्या पर 420 का मामला दर्ज
शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ( सीबीआई ) ने पहले ही मामला भी दर्ज किया जा चुका है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर सीबीआई ने धारा 420 के अतंर्गत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
बता दें इससे पहले जून में उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) से जुड़े मामले की सुनाई के दौरान उन्हें मुंबई की विशेष अदालत ने इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट की अर्जी पर भगोड़ा घोषित कर दिया था।
माल्या को 4 नवंबर को अदालत में पेश होने का आदेश
6 अगस्त को दिल्ली की पटियाला हाईकोर्ट ने भी माल्या को 4 नवंबर को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। अदालत ने यह आदेश चेक बाउंस होने के मामले की सुनवाई के दौरान दिया था।
पेश हों माल्या अदालत ने विदेश मंत्रालय को दिए आदेश में कहा था कि लंदन स्थित विजय माल्या को गैर जमानती वारंट भेजा जाए साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि माल्या 4 नवंबर को अदालत में पेश हों।
13 सरकारी बैंको के करीब 9,000 करोड़ रुपए लेकर देश से फरार
बता दें कि दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की ओर से विजय माल्या के खिलाफ 4 मामले दर्ज कराए गए थे। ये मामले इसलिए दर्ज कराए गए थे क्योंकि किंगफिशर एयरलाइंस की ओर से 7.5 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया गया था। गौरतलब है कि विजय माल्या 13 सरकारी बैंको के करीब 9,000 करोड़ रुपए लेकर देश से फरार हो चुके हैं।
वहीं विदेश मंत्रालय द्वारामाल्या का पासपोर्ट भी रद्द कर दिया गया है। माल्या इसी साल मार्च में देश से चले गए थे जिसके बाद काफी विवाद हुआ था।
विजय माल्या ने नहीं किया अपनी पूरी संपत्ति का खुलासा
कारोबारी विजय माल्या को कर्ज देने वाले भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और दूसरे बैंकों के समूह ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि माल्या ने जानबूझकर अपनी पूरी सम्पत्ति का खुलासा नहीं किया। बैंकों ने कहा कि इसमें विजय माल्या को फरवरी में एक ब्रिटिश कंपनी से मिले 4 करोड़ डॉलर की रकम भी शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट में बैंकों के समूह की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ और न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन की पीठ को बताया कि माल्या ने अपनी सम्पत्ति को लेकर मार्च में जवाब दाखिल किया था जबकि फरवरी में ही उन्हें 4 करोड़ डॉलर मिले थे। जिसका जिक्र उन्होंने अपने जवाब में नहीं किया।
माल्या की ओर से किसी तरह की कोई अवमानना नहीं की गई
अवमानना याचिका के तहत नोटिस जारी अटॉर्नी जनरल ने आगे कहा कि उच्चतम न्यायालय के नियमों के मुताबिक अवमानना याचिका के तहत नोटिस जारी होने पर विजय माल्या को कोर्ट में पेश होना चाहिए।
रोहतगी ने कहा कि माल्या को खुद पेश होने के मामले में कोई छूट नहीं दी गई है, ऐसे में उनकी दलीलों को और नहीं सुना जाना चाहिए। दूसरी ओर कारोबारी विजय माल्या की ओर से कोर्ट में उपस्थित हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि माल्या की ओर से एक याचिका सर्वोच्च अदालत में दायर की गई है।
इसमें कोर्ट के अवमानना संबंधी पिछले आदेश को वापस लेने की अपील की गई है। याचिका में कहा गया है कि माल्या की ओर से किसी तरह की कोई अवमानना नहीं की गई है।
विजय माल्या की ओर से आए वरिष्ठ वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने संपत्तियों के खुलासा करने का आदेश दिया था जिसका पूरी तरह से पालन किया गया है। इस बीच पीठ ने अटॉर्नी जनरल से कोर्ट के पहले के आदेश को वापस लेने के संबंध में दायर विजय माल्या की याचिका पर अपना जवाब देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी।












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