इंडियन आर्मी ने किया पाकिस्तान के वांटेड टेररिस्ट अबु ओकाश का खात्मा
श्रीनगर। पिछले वर्ष अगस्त में हुए उधमपुर हमले में शामिल एक पाकिस्तानी वांटेड इनामी आतंकी को इंडियन आर्मी और सिक्योरिटी फोर्सेज ने पुलवामा जिले में हुई एनकाउंटर में मार गिराया है। हालांकि लश्कर-ए-तैयबा का एक टॉप
कमांडर और चारऔर आतंकी बच निकलने में कामयाब हो गए।

पांच लाख रुपए का था इनाम
एनआईए ने ओकाशा को गिरफ्तार करवाने में मददगार साबित होने वाली जानकारी देने वाले के लिए पांच लाख रुपए का ईनाम घोषित किया था।
एनआईए ने उधमपुर आतंकी हमले में उसके शामिल होने के सिलसिले में कई आतंकी ठिकानों पर छापा मारकर उसकी तस्वीर जुटाई थी। उधमपुर आतंकी हमले में लश्कर-ए-तैयबा के पाक आतंकी मोहम्मद नवेद याकूब को गिरफ्तार किया था।
लोगों ने किया सिक्योरिटी फोर्स पर पथराव
सूत्रों ने कहा कि लश्कर का कश्मीर प्रमुख अबु दुजाना बच निकलने वालों में शामिल है। ये लोग मुठभेड़ स्थल से बच निकलने में इसलिए कामयाब रहे क्योंकि स्थानीय लोगों ने सिक्योरिटी फोर्सेज पर पथराव करके उनका ध्यान भटका दिया था।
एक अधिकारी ने कहा कि मुठभेड़ उस समय हुई जब सिक्योरिटी फोर्सेज अवंतीपुरा के पुछल इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। पास के गोरीपुरा गांव से गोलियां चलने की आवाजें आ रही थीं।
सिक्योरिटी फोर्सेज पर चलाई गईं गोलियां
उन्होंने कहा कि एक्स्ट्रा फोर्स तुरंत गोरीपुरा के लिए रवाना हो गई। आतंकियों को बच निकलने से रोकने के लिए गांव की चारों ओर से घेरेबंदी कर दी गई। अधिकारी ने कहा कि आतंकियों ने सिक्योरिटी फोर्सेज पर गोलियां चलाईं, जिसके जवाब जवानों ने भी गोलियां चलाईं।
सिक्योरिटी फोर्सेज का ध्यान भटकाया
अधिकारी ने कहा कि इस गोलीबारी में दो आतंकी मारे गए लेकिन उनके पांच सहयोगी बच निकले। मारे गए आतंकियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि जिस समय सिक्योरिटी फोर्सेज आतंकियों से लड़ रहे थे,
उस समय स्थानीय निवासियों ने सिक्योरिटी फोर्सेज पर पथराव करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने सिक्योरिटी फोर्सेज का ध्यान बांट दिया और आतंकी सुरक्षा घेरे से बच निकलने में कामयाब हो गए।
पिछले साल अक्तूबर में दक्षिण कश्मीर के कुलगाम इलाके में अबु कासिम के मारे जाने के बाद दुजाना ने लश्कर के ऑपरेशन की कमान संभाल ली थी।












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