Waqf bill: वक्फ संशोधित विधेयक JPC बैठक में पारित, विपक्ष ने जताई असहमति, कही ये बात
Waqf bill News: वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर बुधवार को संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक हुई। इस बैठक में वक्फ संशोधित विधेयक को पारित कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 16 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया, जबकि 11 ने इसका विरोध किया।
जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने बताया कि समिति ने वक्फ (संशोधन) विधेयक मसौदा रिपोर्ट और प्रस्तावित कानून के संशोधित संस्करण को बहुमत से स्वीकार कर लिया है। हालांकि, संसदीय समिति के सदस्यों को अपनी असहमति प्रस्तुत करने के लिए आज शाम 4 बजे तक का समय दिया गया है।

जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा, 'आज की बैठक में, मैं JPC के सभी सदस्यों को धन्यवाद देता हूं कि जिस तरह से इस समिति में सभी ने पिछले 6 महीनों में बैठकों में भाग लिया। बैठकों में विस्तृत विचार-विमर्श और चर्चा हुई और अंततः 6 महीने के बाद, JPC की एक मसौदा रिपोर्ट आई है।
उन्होंने आगे कहा कि 27 तारीख को JPC द्वारा किए गए संशोधनों के अनुसार संशोधित विधेयक को बहुमत से सभी सदस्यों ने अपनाया...अब हम इसे कल स्पीकर के सामने पेश करेंगे। इस बीच, सदुद्दीन ओवैसी समेत कई विपक्षी नेताओं ने औपचारिक रूप से अपनी असहमति दर्ज करा दी है।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमें रात में 655 पन्नों की अंतिम रिपोर्ट दी गई और एक व्यक्ति के लिए सभी 655 पन्नों को इतनी जल्दी पढ़ना असंभव है लेकिन फिर भी हमने कोशिश की और हमने इस विधेयक और इसके संशोधनों के खिलाफ अपनी रिपोर्ट दी है... अब जब यह विधेयक संसद में लाया जाएगा तो हम अपनी आवाज उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि हम शुरू से ही इसके खिलाफ रहे हैं। वहीं, DMK सांसद ए राजा ने कहा कि ड्राफ्ट रिपोर्ट को जल्दबाजी में अपनाया गया है। कल रात हमें 9.50 बजे तक ड्राफ्ट रिपोर्ट मिली, अध्यक्ष कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि हम रातों-रात असहमति नोट पेश कर देंगे।
वहीं, AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि हमने JPC अध्यक्ष के समक्ष अपना विचार प्रस्तुत कर दिया है जो मसौदा रिपोर्ट का हिस्सा है और इस पर मीडिया में चर्चा नहीं की जा सकती। इतना ही नहीं, जेपीसी की बैठक पर कांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि कई आपत्तियां और सुझाव आए थे जिन्हें इस रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने अपने अनुसार रिपोर्ट बनाई है। असंवैधानिक संशोधन लाए गए हैं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया गया है। अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने के लिए संशोधन लाए गए हैं।












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