Voter ID Number: क्या डुप्लिकेट EPIC नंबर से दो जगह वोट डाले जा सकते हैं?

Voter ID Number Controversy: डुप्लिकेट मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) नंबर को लेकर इस समय विपक्षी इंडिया ब्लॉक खासकर कांग्रेस और टीएमसी (TMC) बहुत विवाद कर रही है। दोनों ही दलों ने इसको लेकर चुनाव आयोग (ECI) की निष्पक्षता पर भी संदेह जताना शुरू किया है और इस संवैधानिक संस्था पर सत्ताधारी बीजेपी के लिए काम करने का आरोप लगा रही हैx।

लेकिन, सवाल है कि क्या एक ही नंबर वाले दो (डुप्लिकेट)मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) की वजह से दो या अधिक वोटरों को एक ही सीट पर वोट डालने का मौका मिल सकता है? दरअसल, इस तरह का संदेह जता देना जितना आसान है, वास्तविकता में इसका दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।

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Voter ID Number: मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) क्या है?

मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) की शुरुआत 1993 में से हुई, जब टीएन शेषण मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) हुआ करते थे। ये उन मतदाताओं को जारी किया जाने लगा, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज था। मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) मतदाताओं की पूरी डिटेल होती है, जैसे कि नाम, पिता या पति का नाम, निवास स्थान, लिंग, जन्म तिथि और उसकी तस्वीर। यह वही तस्वीर होती है, जो मतदाता सूची में दर्ज होती है, जिसकी शुरुआत 2005 से हुई।

Voter ID Number Controversy: डुप्लिकेट EPIC नंबर कहां से आ गए?

चुनाव आयोग का कहना है कि अलग-अलग राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में कुछ मतदाताओं को एक समान EPIC नंबर की सीरीज जारी हो गई, क्योंकि पहले यह काम अलग-अलग जगहों पर होते थे और नंबर मैनुअली आवंटित किए जाते थे। 2017 में वोटर लिस्ट डेटाबेस को ERONET प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया गया।

कुछ राज्यों में मख्य निर्वाचन अधिकारियों ने चुनाव आयोग की गाइडलाइंस से अलग अनजाने में या असावधानी की वजह से संभवत: एक समान अल्फान्यूमरिक सीरीज का इस्तेमाल कर लिया। जिसकी वजह से अलग-अलग राज्यों के भिन्न-भिन्न विधानसभा क्षेत्रों में डुप्लिकेट EPIC नंबर जारी होने की गुंजाइश पैदा हो गई।

Voter ID Number: क्या एक समान EPIC नंबर वाले दो वोटर एक ही सीट पर वोट डाल सकते हैं?

सीधे शब्दों में कहें तो ऐसा संभव ही नहीं है। मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) का इस्तेमाल एक वोटर सिर्फ वोट डालने के लिए अपनी पहचान के तौर पर कर सकता है। यह तभी संभव है, जब मतदाता फोटो पहचान पत्र में लगी तस्वीर और वोटर लिस्ट की तस्वीर एक समान हो। यही नहीं, मतदान के लिए सिर्फ मतदाता फोटो पहचान पत्र ही अनिवार्य नहीं है, मतदाता 11 वैकल्पिक दस्तावेज या पहचान पत्र भी ले जा सकते हैं।

जैसे कि आधार, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, फोटो वाला बैंक पासबुक आदि। अनिवार्य यही है कि उस वोटर का नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्र के संबंधित मतदान बूथ पर संबंधित वोटर लिस्ट में में दर्ज हो।

यानी मतदान के लिए विधानसभा क्षेत्र में मतदाता के रूप में नाम दर्ज होना जरूरी है, EPIC नंबर का होना आवश्यक नहीं है। इसे यूं समझ सकते हैं कि अगर किसी का EPIC नंबर किसी अन्य चुनाव क्षेत्र के वोटर आई कार्ड से मिलता है, लेकिन वह वहां का वोटर नहीं है तो वह वहां वोट डाल ही नहीं सकता।

Voter ID Number: डुप्लिकेट EPIC नंबर का संदेह मिटाने के लिए चुनाव आयोग क्या कर रहा है?

रविवार को चुनाव आयोग ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह डुप्लिकेट EPIC नंबर की त्रुटियों को ठीक करेगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर मतदाता को यूनिक EPIC नंबर आवंटित हो। इस सिलसिले में एक नई गाइडलाइंस भी जारी होगी और ERONET 2.0 प्लेटफॉर्म को अपडेट किया जाएगा।

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