Global South Summit: पीएम मोदी ने की 'आरोग्य मैत्री' प्रोजेक्ट की घोषणा, जानिए क्या है ये?
Aarogya Maitri project: पीएम मोदी ने "आरोग्य मैत्री" परियोजना की घोषणा की जिसके तहत भारत प्राकृतिक आपदाओं या मानवीय संकट से प्रभावित किसी भी विकासशील देश को आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति प्रदान करेगा।

Voice of Global South Summit Aarogya Maitri: भारत ने प्रौद्योगिकी से लेकर स्वास्थ्य तक के क्षेत्रों में शुक्रवार को ग्लोबल साउथ की मदद के लिए तीन पहलों का अनावरण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'आरोग्य मैत्री' प्रोजेक्ट की घोषणा की है। पीएम मोदी ने कहा कि 'आरोग्य मैत्री' प्रोजेक्ट के तहत प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसी भी विकासशील देश को चिकित्सा आपूर्ति की जाएगी।
वर्चुअल वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट के समापन सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता साझा करने के लिए ग्लोबल साउथ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनिशिएटिव लॉन्च करेगा। पीएम मोदी ने कहा, शोध के लिए ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना करेगा। विकास समाधान जिन्हें बढ़ाया जा सकता है और दुनिया भर में लागू किया जा सकता है।
नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय शिखर सम्मेलन को 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के समूह की भारत की अध्यक्षता के दौरान जी20 में चर्चाओं में शामिल करने के लिए विकासशील देशों से विचारों और सुझावों को साझा करने के लिए एक मंच के रूप में प्रस्तुत किया। समापन सत्र में पीएम मोदी ने शिखर सम्मेलन को "ग्लोबल साउथ की सबसे बड़ी समिट' कहा। पीएम मोदी ने कहा कि क्योंकि इसने 120 से अधिक विकासशील देशों को आकर्षित किया है।
कोरोना वायरस महामारी के दौरान 100 से अधिक देशों को वैक्सीन की आपूर्ति करने वाली भारत की "वैक्सीन मैत्री" पहल का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने "आरोग्य मैत्री" परियोजना की घोषणा की। पीएम मोदी ने कहा कि इसके तहत भारत प्राकृतिक आपदाओं या मानवीय संकट से प्रभावित किसी भी विकासशील देश को आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति प्रदान करेगा।
पीएम मोदी ने इसके साथ ही यह भी घोषणा की कि भारत विकास समाधानों या सर्वोत्तम प्रथाओं पर शोध करने के लिए ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना करेगा, जिसे ग्लोबल साउथ में बढ़ाया और लागू किया जा सकता है। पीएम मोदी ने कहा, ''भारत ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी काफी प्रगति की है। हम अन्य विकासशील देशों के साथ अपनी विशेषज्ञता साझा करने के लिए 'ग्लोबल साउथ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनिशिएटिव' लॉन्च करेंगे।''












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