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विझिंजम पोर्ट के विस्तार का दूसरा चरण शुरू, अदाणी ग्रुप करेगा 16,000 करोड़ रुपये का निवेश

केरल में विझिंजम पोर्ट ₹16,000 करोड़ के अतिरिक्त निवेश के साथ फेज-2 विस्तार में प्रवेश करता है, जिससे कुल ₹30,000 करोड़ हो जाता है। परियोजना का लक्ष्य कंटेनर बर्थ का विस्तार करना, ब्रेकवाटर का विस्तार करना और एक अर्ध-स्वचालित, डिजिटल रूप से प्रबंधित पोर्ट में अपग्रेड करना है, जो केरल की एक वैश्विक लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में स्थिति को मजबूत करता है।

केरल के विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट के विस्तार का दूसरा चरण औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। भारत की प्रमुख पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने इस चरण के लिए 16,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की घोषणा की है। इसके साथ ही विझिंजम परियोजना में अदाणी ग्रुप का कुल निवेश बढ़कर 30,000 करोड़ रुपये हो जाएगा, जो केरल में अब तक का सबसे बड़ा निजी निवेश माना जा रहा है।

Vizhinjam Port Phase-2 Expands Private Investment

यह घोषणा पोर्ट के मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन के बाद की गई है। दिसंबर 2024 में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने के बाद विझिंजम ने बेहद कम समय में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। महज़ 15 महीनों में ही यह भारत का सबसे तेज़ी से 10 लाख टीईयू कंटेनर हैंडल करने वाला पोर्ट बन गया, जिससे केरल को वैश्विक शिपिंग मानचित्र पर एक नई पहचान मिली है।

इस मौके पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि विझिंजम, जो अभी एक राष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल के रूप में काम कर रहा है, पूर्ण विकास के बाद एक अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि यह पोर्ट भविष्य में अफ्रीका और मध्य-पूर्व के बंदरगाहों को भी सेवा देगा और केरल को वैश्विक समुद्री व्यापार का अहम केंद्र बनाएगा।

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने कहा कि विझिंजम ने यह साबित कर दिया है कि जब स्पष्ट दृष्टि और मजबूत साझेदारी एक साथ आती है, तो बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कम समय में पोर्ट की सफलता, केरल और भारत दोनों के लिए गर्व की बात है।

पोर्ट का ऑपरेशनल प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है। पहले ही वर्ष में, जिसमें शुरुआती रैंप-अप चरण भी शामिल था, विझिंजम ने 615 जहाज़ों को संभाला और कुल 13.2 लाख टीईयू कार्गो हैंडल किया। दिसंबर 2025 में 1.21 लाख टीईयू के साथ यह दक्षिण और पूर्वी तट का सबसे अधिक मासिक कंटेनर हैंडलिंग करने वाला पोर्ट भी बना।

विझिंजम की एक प्रमुख विशेषता दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाज़ों को संभालने की क्षमता है। दिसंबर 2024 से जनवरी 2026 के बीच यहां 399 मीटर से अधिक लंबाई वाले 50 से ज्यादा अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स को हैंडल किया गया। इसके अलावा, 16 मीटर से अधिक ड्राफ्ट वाले कई बड़े जहाज़ भी इस पोर्ट पर पहुंचे, जिससे इसकी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन हुआ।

तकनीक के स्तर पर भी विझिंजम देश के सबसे उन्नत बंदरगाहों में शामिल है। यह भारत का पहला सेमी-ऑटोमेटेड कंटेनर पोर्ट है और यहां महिला ऑटोमेटेड क्रेन ऑपरेटरों की तैनाती भी की गई है। आधुनिक वेसल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के ज़रिए पोर्ट के संचालन को डिजिटल रूप से नियंत्रित किया जाता है, जिससे सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित होती है।

फेज-2 के तहत कंटेनर बर्थ की लंबाई 800 मीटर से बढ़ाकर 2,000 मीटर की जाएगी और ब्रेकवॉटर को लगभग 3,900 मीटर तक विस्तारित किया जाएगा। इस चरण के 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद पोर्ट की क्षमता 2029 तक बढ़कर 57 लाख टीईयू हो जाएगी।

फेज-1 और फेज-2 को मिलाकर यह केरल के इतिहास का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विस्तार से पोर्ट-आधारित औद्योगिकीकरण, बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजन और केरल को एक वैश्विक मैरीटाइम व लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। https://www.youtube.com/watch?v=ZRl_g_MOogs

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