टीएमसी ने कहा- विश्व भारती शताब्दी समारोह में ममता बनर्जी को नहीं बुलाया गया, यूनिवर्सिटी ने दिया ये जवाब
टीएमसी ने कहा- विश्व भारती शताब्दी समारोह में ममता बनर्जी को नहीं बुलाया गया:
Visva Bharati University Centenary Celebrations: पश्चिम बंगाल के शांति निकेतन स्थित विश्व भारती विश्वविद्यालय ने 100 साल पूरे कर लिए हैं। आज (24 दिसंबर) को विश्वविद्यालय अपना शताब्दी समारोह मना रहा है। शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षामंत्री रमेश कुमार पोखरियाल और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ शामिल हुए लेकिन सीएम ममता बनर्जी ने कार्यक्रम से दूर रहीं। राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि यूनिवर्सिटी की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आमंत्रित ही नहीं किया गया। वहीं यूनिवर्सिटी ने कहा है कि उनकी ओर से सीएम को न्योता भेजा गया था।
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तृणमूल कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को ना बुलाया जाना बनर्जी और उनके पद का अपमान है। भाजपा राजनीति से ऊपर नहीं उठ पा रही है इसलिए उसने ऐसा किया है। टीएमसी ने कहा कि बनर्जी को रवींद्रनाथ टैगोर की विचारधारा पर चलने के लिए निशाना बनाया जा रहा है। अगर आज रवींद्रनाथ टैगोर जिंदा होते तो भाजपा उनको भी निशाना बनाने से नहीं चूकती। वहीं टीएमसी के आरोपों पर विश्व भारती विश्वविद्यालय ने कहा है कि टीएमसी के आरोप गलत हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 20 दिन पहले ही न्योता भेज दिया गया था लेकिन वो नहीं आईं।
ममता बनर्जी ने विश्व भारती विश्वविद्यालय के 100 साल पूरे होने पर ट्वीट कर लिखा- आज विश्व भारती 100 का हो गया है। शिक्षा का यह मंदिर रवींद्रनाथ टैगोर का हमें बड़ा तोहफा है। हमें उस महान दूरदर्शी की दृष्टि और दर्शन को संरक्षित करना चाहिए।
शताब्दी समारोह में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- गुरुदेव कहते थे कि हम एक ऐसी व्यवस्था खड़ी करें जो हमारे मन में कोई डर न हो, हमारा सर ऊंचा हो और हमारा ज्ञान बंधनों से मुक्त हो। आज देश राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से इस उद्देश्य को पूरा करने का प्रयास कर रहा है। विश्व भारती की आगे की यात्रा देश के लिए मील का पत्थर बने। लोगों के सपनों को पूरा करें।
बता दें कि शांति निकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय की शुरुआत एक आश्रम के तौर पर रवींद्रनाथ टैगोर के पिता महर्षि देवेंद्रनाथ टैगोर ने 1863 में की थी। रवींद्र नाथ टैगोर ने विश्व भारती विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलवाया। विश्व भारती देश की सबसे पुरानी केंद्रीय यूनिवर्सिटी है।












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