MP News: वाराणसी में सम्राट विक्रमादित्य के महानाट्य से गूंजा माहौल, दर्शकों ने देखा सुशासन और वीरता का अद्भुत दृश्य
वाराणसी में तीन दिवसीय सांस्कृतिक महाकाव्य में विक्रमादित्य के जीवन को प्रदर्शित किया गया, जिसमें प्राचीन भारतीय परंपराओं और सुशासन पर प्रकाश डाला गया। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी और साझा दृष्टिकोण के तहत ऐतिहासिक संबंधों और राष्ट्रीय विरासत का सम्मान करते हुए सांस्कृतिक एकता पर जोर दिया गया।
धर्म नगरी वाराणसी में 3 अप्रैल को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक वैभव का अद्भुत संगम देखने को मिला। सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित भव्य महानाट्य के मंचन ने हजारों दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस आयोजन में प्राचीन भारतीय परंपरा, संस्कृति और सुशासन की झलक ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

तीन दिवसीय इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग बीएलडब्ल्यू मैदान में पहुंचे। मंच पर प्रस्तुत दृश्यों में घोड़े-हाथियों के साथ ऐतिहासिक प्रसंगों का जीवंत चित्रण किया गया, जिसे देखकर दर्शकों ने न केवल सराहा बल्कि उसे महसूस भी किया।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का जीवन भारत की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को इतिहास, आदर्शों और सुशासन की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में देश में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई धारा प्रवाहित हो रही है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath भी मौजूद रहे। उन्होंने इस आयोजन को नई पीढ़ी को भारतीय मूल्यों और आदर्शों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का अभियान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मध्यप्रदेश सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने काशी और उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों नगर भारतीय परंपरा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
महानाट्य के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य की वीरता, न्यायप्रियता और सुशासन को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। इस आयोजन ने दर्शकों को भारतीय इतिहास के स्वर्णिम काल से जोड़ने का कार्य किया।
वैदिक घड़ी भेंट
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वैदिक घड़ी भेंट की। यह घड़ी प्राचीन वैदिक समय गणना प्रणाली और आधुनिक विज्ञान का समन्वय है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय को भी नई दिशा देने वाला साबित हुआ।












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