रोटोमैक मामला: विक्रम कोठारी ने कहा, मुझे 21 बीमारियां हैं, घर का खाना चाहिए
विक्रम कोठारी और बेटे राहुल कोठारी 3,695 करोड़ रुपये का कर्ज न चुकाने का आरोप है। सीबीआई ने बैंक ऑफ बड़ोदा की शिकायत पर कार्रवाई की थी
नई दिल्ली। रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी ने लखनऊ की सीबीआई अदालत में आवेदन देकर घर के खाने की मांग की है। विक्रम कोठारी सीबीआई कोर्ट को दिए गए आवेदन में बताया है कि वो 21 बीमारियों से ग्रसित हैं। आपको बता दें कि शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी और उनके बेटे राहुल की 11 दिनों के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा था। सीबीआई दोनों से 7 मार्च तक पूछताछ करेगी।

कोठारी ने मांगा घर का खाना
विक्रम कोठारी ने आवेदन देकर कस्टडी के दौरान घर का भोजन दिए जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है को वो पिछले बीस साल से कई बीमारियों से ग्रसित हैं उनका रेग्युलर मेडिकल चेकअप किया जाए। अपने आवेदन में कोठारी ने किडनी, आंख, ब्लड प्रेशर, सर्वाइकल, स्पाइनल इंज्यूरी, नी प्रॉब्लम, नर्व प्रॉब्लम,हाइपरटेंशन, और एनिमनिया जैसी बीमारियों का जिक्र किया है।

विक्रम के 21 बीमारियों का जिक्र किया
विक्रम कोठारी ने कहा है कि उन्हे अज्ञात वजहों से बुखार रह रहा है और डिहाइड्रेशन की भी समस्या है। कोठारी ने मुंबई, दिल्ली और यूपी के कई अस्पतालों की रिपोर्ट भी कोर्ट के सामने पेश की है। विक्रम कोठारी ने शनिवार को ही अपनी सेहत के हालात के बारे में कोर्ट को बताया था। कोठारी के वकील ने बताया है कि कस्टडी में रहने की वजह से वो ( विक्रम कोठारी) तनाव में है और सेहत लगातार गिर रही है।

3,695 करोड़ रुपये का कर्ज न चुकाने का आरोप
विक्रम कोठारी और बेटे राहुल कोठारी 3,695 करोड़ रुपये का कर्ज न चुकाने का आरोप है। सीबीआई ने बैंक ऑफ बड़ोदा की शिकायत पर कार्रवाई की थी। इसके अलावा सीबीआई ने विक्रम कोठारी की पत्नी साधना, बेटे राहुल खिलाफ मामला दर्ज किया हैं। इससे पहले सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि छापे के दौरान मिले दस्तावेजों को सामने रखकर दोनों आरोपियों से पूछताछ गई, लेकिन बैंकों से लिए गए करोड़ों रुपये के लिए दिये गए दस्तावेजों को सही साबित करने में विफल रहे। पूछताछ से साफ हो गया कि निर्यात और आयात के फर्जी दस्तावेजों से सहारे कोठारी बाप-बेटे ने बैंकों से 2919 करोड़ रुपये लिये। लेकिन, असली आयात और निर्यात के बजाय विभिन्न कंपनियों के मार्फत इस पैसे को घुमाते हुए अपने पास रख लिया। इसके लिए मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल किया गया था। सीबीआइ इन मुखौटा कंपनियों और इस काम में मदद करने वाले अन्य कंपनियों की जांच कर रही है।












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