10 दिन में 3 बार माफी, फिर भी नाकाफी: सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह की माफी ठुकराई, SIT गठित
Vijay Shah Sofia Qureshi News: ऑपरेशन सिंदूर से चर्चा में आईं भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादास्पद टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कुंवर विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। 10 दिन में तीन बार माफी मांगने के बावजूद शीर्ष अदालत ने उनकी माफी को "मगरमच्छ के आंसू" बताते हुए खारिज कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने उनके खिलाफ जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) के गठन के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
11 मई 2025 को मध्य प्रदेश के इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री विजय शाह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर बोलते हुए कहा कि "उन्होंने कपड़े उतार-उतारकर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा... अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते, इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा..."

मंत्री ने सीधे तौर पर कर्नल सोफिया कुरैशी का संदर्भ लेकर उन्हें आतंकवादियों की बहन कह दिया था। इसके बाद पूरे देश में जबरदस्त विरोध हुआ। सेना और महिलाओं का अपमान बताते हुए सोशल मीडिया पर भी मंत्री की तीखी आलोचना हुई।
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तीन बार मांगी माफी, लेकिन बेमानी साबित हुई
13 मई, 2025: "सोफिया बहन ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है। विपरीत परिस्थिति में मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया हो, तो मैं 10 बार माफी मांगने को तैयार हूं।"
14 मई, 2025: "मेरे बयान से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। मैं शर्मिंदा हूं और दिल से माफ़ी चाहता हूं।"
23 मई, 2025: "मेरे शब्दों से देशवासियों और सेना को दुख पहुंचा, यह मेरी भाषाई भूल थी। मैं पुनः हाथ जोड़कर क्षमा प्रार्थी हूं।"
विजय शाह मामले की टाइमलाइन
- 11 मई: दोपहर 2:15 बजे बयान दिया गया।
- 13 मई: दोपहर 2:30 बजे पहली माफी। शाम तक भाजपा संगठन ने फटकार लगाई।
- 14 मई: हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर FIR दर्ज कराने का आदेश दिया। रात 11 बजे मानपुर थाने में FIR दर्ज।
- 15 मई: हाईकोर्ट ने FIR की भाषा पर नाराजगी जताई।
- 16 मई: शाह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
- 19 मई: सुप्रीम कोर्ट ने उनकी माफी को खारिज कर SIT गठन का आदेश दिया।
- 23 मई: तीसरी बार माफी मांगी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान मंत्री विजय शाह के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल ने माफी मांग ली है, जिस पर जस्टिस सूर्यकांत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कहा- "कभी-कभी माफ़ी बचने के लिए मांगी जाती है। यह माफ़ी मगरमच्छ के आंसू जैसी लगती है। एक पब्लिक फिगर को बोलते समय जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। सेना का अपमान कोई हल्की बात नहीं है।"
कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद FIR दर्ज कराना पड़ा, यह बताता है कि मामला कितना गंभीर है। इसके साथ ही कोर्ट ने तीन सदस्यीय SIT गठित करने के निर्देश दिए, जिसमें एक IG रैंक अधिकारी और एक महिला अधिकारी शामिल होंगी। ये सभी अधिकारी मध्य प्रदेश कैडर से बाहर के होंगे।
भाजपा संगठन की भूमिका और विपक्ष का हमला
13 मई को भाजपा प्रदेश संगठन ने शाह को तलब किया और फटकार लगाई। उसी दिन देर रात भाजपा नेताओं ने कर्नल सोफिया कुरैशी के परिजनों से मुलाकात कर स्थिति संभालने की कोशिश की। इसके विपरीत कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार पर महिला और सैनिकों के सम्मान के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
अब आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 28 मई तय की है। तब तक SIT को जांच में प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। वहीं भाजपा के लिए भी यह मामला नेतृत्व और नैतिकता की परीक्षा बन गया है।












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