इन पांच वजहों के कारण भाजपा ने फिर से चुना विजय रूपाणी को गुजरात का मुख्यमंत्री
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गांधीनगर। गुजरात में छठीं बार भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने जा रही है। राज्य का मुख्यमंत्री चुनने के लिए भाजपा ने प्रभारी अरुण जेटली और नेता सरोज पांडे को भेजा था। तमाम कयासों और संभावनाओं के बीच विजय रूपाणी एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे यह तय हो गया है। बता दें कि जब मुख्यमंत्री चुनने के लिए बतौर पर्यवेक्षक जेटली और सरोज गुजरात गए तो यह खबरें आ रही थीं कि पुरुषोत्तम रुपाला,आनंदीबेन पटेल या स्मृति ईरानी को सीएम बनाया जा सकता है। वहीं पाटीदार आंदोलन के चलते पटेलों को साधने के लिए राज्य का सीएम नितिन पटेल को भी बनाए जाने के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि अब तस्वीर साफ है और विजय रूपाणी राज्य के 17 वें मुख्यमंत्री के रुप में शपथ लेंगे। इसके साथ ही नितिन पटेल राज्य के उप मुख्यमंत्री होंगे। आइए आपको बतातें हैं उन पांच वजहों के बारे में जिसके चलते भाजपा हाईकमान ने फिर से रूपाणी पर विश्वास जताया है।

संदेश यह की सरकार अच्छा काम कर रही है
भाजपा हाईकमान ने एक बार फिर से विजय रूपाणी पर इसलिए भरोसा जताया है ताकि जनता में यह संदेश जाए कि बीती सरकार ने अच्छा काम किया है, ऐसे में बदलाव का सवाल नहीं उठता। रूपाणी ने बीते साल 17 अगस्त को ही आनंदी बेन पटेल के इस्तीफे के बाद पद संभाला था।

सौराष्ट्र की स्थिति के चलते फैसला
बता दें कि चुनाव के दौरान ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में यह सामने आ रहा था कि सौराष्ट्र में भाजपा की स्थिति खराब है। खुद रूपाणी, राजकोट पश्चिम सीट से विधायक चुन कर आए हैं। ऐसे में सौराष्ट्र को भी आगामी साल 2019 के लोकसभा के चुनाव के नजरिए से भी यह फैसला लिया गया है। खबरें थीं कि सौराष्ट्र की 54 सीटों पर कांग्रेस मजबूत स्थिति में है। 18 दिसंबर को आए परिणाम में कुल 54 सीट में से 29 कांग्रेस को, 25 भाजपा को मिली है। वहीं साल 2012 के परिणा में 35 सीट भाजपा, 16 कांग्रेस और अन्य को 3 सीटें मिली थीं।

पाटीदार आंदोलन
बीते साल अगस्त में उभरे पाटीदार आंदोलन से भी भाजपा को खास नुकसान नहीं हुआ है। बता दें कि पाटीदार और ठाकोर आंदोलन वाले इलाके मध्य गुजरात में भाजपा की पकड़ पिछली बार की तरह इस बार भी मजबूत रही। यहां की 40 सीटों में से इस बार कांग्रेस को 16, भाजपा को 23 औ अन्य को 1 सीट मिली है। वहीं साल 2012 के परिणाम में भाजपा को 22 सीट और कांग्रेस को 18 सीट मिली थी। इस बार कांग्रेस को यहां 2 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा।

मोदी ने कहा था...
बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि राज्य के सीएम विजय रूपाणी ही होंगे। मोदी ने खुद कहा था कि अगर हम सीएम बदलते हैं लोगों में गलत संदेश जाएगा। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी कहा था कि राज्य के अगले सीएम रूपाणी ही होंगे।

आक्रामक माने जाते हैं रुपाणी
प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष रहे रूपाणी काफी आक्रामक नेता माने जाते हैं। रूपाणी को मोदी और शाह का करीबी भी बताया जाता है। उन्हें संगठन में काम करने का अनुभव है वहीं 4 बार भाजपा के प्रदेश महामंत्री भी थे।












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