Video: जब एक सवाल के जवाब में बोले ISRO चीफ के सिवन 'पहले मैं एक भारतीय'

बेंगलुरु। इंडियन स्‍पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) के चीफ के सिवन हर आम आदमी के एक नए आदर्श बनकर उभरे हैं। उनसे जुड़ा एक और किस्‍सा इस समय लोगों का दिल जीत रहा है। तमिलनाडु के सन टीवी को दिया गया उनका एक इंटरव्‍यू इस समय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस इंटरव्‍यू में इसरो चीफ से उनके तमिल मूल का होने से जुड़ा सवाल पूछा गया था। जो जवाब के सिवन ने दिया है उसे सुनकर आप को भी गर्व होगा। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि यह वीडियो कब का है।

एक भारतीय होने की वजह से इसरो में

एक भारतीय होने की वजह से इसरो में

इसरो चीफ के सिवन से जुड़ी एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इस क्लिप में रिपोर्टर उनसे पूछता है कि एक तमिल होने के नाते आज वह बड़ी पोजीशन पर हैं, ऐसे में वह तमिलनाडु के लोगों से क्‍या कहना चाहेंगे? इस पर उनका जवाब वाकई दिल को छू लेने वाला था। इसरो चीफ ने कहा, 'सबसे पहले मैं एक भारतीय हूं, मैंने इसरो में एक भारतीय होने के नाते शामिल हुआ और इसरो एक ऐसी जगह है जहां हर धर्म और हर भाषा के लोग काम करते हैं।' उन्‍होंने आगे कहा, 'लेकिन मैं अपने उन तमाम भाईयों को धन्‍यवाद कहना चाहता हूं जो मेरा सम्‍मान करते हैं।'

गरीब किसान के बेटे

गरीब किसान के बेटे

सिवन ने जनवरी 2018 में इसरो चीफ का जिम्‍मा संभाला था। जो लोग इसरो चीफ को जानते हैं, उन्‍हें यह भी मालूम है कि वह इस पद पर पहुंचने के बाद भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए इंसान हैं। शायद यह सीख उन्‍हें विरासत में अपने माता-पिता से मिली। उनके पिता एक किसान थे लेकिन उन्‍होंने अपने बेटे को हमेशा शिक्षा की अहमियत के बारे में बताया। शायद इसका नतीजा था कि के सिवन अपने परिवार में पहले ऐसे व्‍यक्ति बने जिसके पास ग्रेजुएशन की डिग्री आई।अपने गांव में पांचवीं तक की शिक्षा हासिल करने के बाद के सिवन ने पड़ोसी जिले वालानकुमाराविलाई से स्‍कूल की पढ़ाई पूरी की।

104 सैटेलाइट भेजने वाली टीम का हिस्‍सा

104 सैटेलाइट भेजने वाली टीम का हिस्‍सा

इसके बाद नागेक्‍वाइल के एसटी हिंदू कॉलेज से ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की। के सिवन ने इसके बाद सन् 1980 में मद्रास आईआईटी में एडमिशन लिया और यहां से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।फिर सन् 1982 में वह बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ साइंस पहुंचे और यहां से एरोस्‍पेस इंजीनियरिंग में मास्‍टर्स किया। मास्‍टर्स तक पढ़ाई करने के बाद उन्‍होंने आईआईटी बॉम्‍बे से साल 2006 में एरोस्‍पेस इंजीनियरिंग में पीएचडी की डिग्री ली। सिवन 104 सैटेलाइट को एक साथ अंतरिक्ष में भेजने में भी इसरो की मदद कर चुके हैं।

वायरल हुआ इसरो चीफ के रोने वाला वीडियो

चंद्रयान-2 वह सपना था जिसे सिर्फ इसरो और देश ने नहीं बल्कि इसके मुखिया के सिवन ने अपनी आंखों में संजोया था। एक कुशल नेतृत्‍वकर्ता की तरह वह पिछले एक साल से अपनी पूरी टीम को इस सपने को पूरा करने की दिशा में उनका उत्‍साहवर्धन करते आ रहे थे। के सिवन कई रातों से सो नहीं पा रहे थे और अपने सपने के पूरा होने का इंतजार कर रहे थे। जब शनिवार को सपना टूटा तो वह खुद को रोक नहीं सके और फूट-फूटकर रो पड़े थे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्‍हें गले लगाकर सांत्‍वना दी थी।

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