विदेशी संस्थान पर उपराष्ट्रपति धनखड़ का बड़ा बयान, कहा- इनका मकसद भारत की गति को रोकना
दिल्ली में आयोजित स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने विदेशी संस्थानों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इनका मकसद भारत की गति को रोकना है।

स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर स्मारक डाक टिकट विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने विदेशी संस्थानों की ओर से भारत के खिलाफ की जाने वाली साजिश को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि उनका उद्देश्य भारत की गति को रोकना है।
दिल्ली में आयोजित हुए स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा,"कुछ विदेशी संस्थान हैं, जो बताते हैं कि हमारा भारत कैसा है। उनका उद्देश्य भारत की बढ़ती गति को रोकना है... उन संस्थानों में कई देशों के छात्र और शिक्षक हैं, लेकिन हमारे कुछ ही लोग उस छवि को धूमिल करने का काम कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने सदैव विदेशी शासन से भारत को मुक्त करने के लिए काम किया है, लेकिन कुछ विदेशी संस्थान हैं, जो ज्ञान दे रहे हैं कि हमारा भारत कैसा है? वे हमें बताते हैं कि हमारे नीचे की जमीन कैसी है जिसकी जानकारी हमको है।
उनका उद्देश्य भारत की उभरती हुई गति पर अंकुश लगाना है। हमारे अरबपति और उद्योगपति इनको करोड़ों रुपये देते हैं, और यहां कुछ हमारे ही लोग हमारी छवि को धूमिल करने का काम करते हैं।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति कहा,"दुनिया के अर्थशास्त्री मानते हैं कि दशक के अंत तक हम अर्थव्यवस्था में विश्व की तीसरी महाशक्ति होंगे। स्वामी जी ने वैदिक धर्म और संस्कृति के उत्थान के लिए जीवनभर प्रयास किया। जो वेद में है वो संपूर्ण है और जो वेद में है उसकी जानकारी हमें होनी चाहिए।"
उन्होंने लोगों से कहा कि मेरा आपसे आग्रह रहेगा कि वेद का अध्ययन करें क्योंकि वेद का ज्ञान इतना महत्वपूर्ण है कि आप इसके अध्ययन से प्रभावित होंगे और आप लोगों को भी प्रभावित कर पाएंगे।












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