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‘भारतीय लोकतंत्र अटूट और भरोसेमंद’, संविधान दिवस पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दिया देशवासियों को संदेश

CP Radhakrishnan: संविधान दिवस के मौके पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का संबोधन देश की लोकतांत्रिक यात्रा की गहराई को एक बार फिर सामने ले आया। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सिर्फ कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के संघर्ष, बलिदान और उम्मीदों से जन्मी वह आधारशिला है, जिस पर आधुनिक भारत खड़ा है। उपराष्ट्रपति ने याद दिलाया कि जब संविधान बनाया जा रहा था, तब हर पन्ने पर देश का भविष्य लिखा जा रहा था।

आज, दशकों बाद, वही संविधान भारत को दुनिया के सबसे विश्वासयोग्य और जीवंत लोकतंत्रों में से एक बना चुका है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और बिहार के हालिया चुनावों का उदाहरण देकर कहा कि भारत का लोकतंत्र न केवल मजबूत है, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से लगातार और भी शक्तिशाली हो रहा है-खासतौर पर महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भूमिका इसकी नई पहचान बन चुकी है।

CP Radhakrishnan

संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता पर जोर

उन्होंने बताया कि संविधान सभा और ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्यों ने बेहद गंभीरता से देश के भविष्य को ध्यान में रखते हुए संविधान तैयार किया। उनके प्रयासों की वजह से ही आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा और जीवंत लोकतंत्र बन सका है।

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महिलाओं की सराहना

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा, यह उन देशवासियों की सामूहिक बुद्धिमत्ता, त्याग और सपनों का प्रतीक है, जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई लड़ी। महान विद्वानों, ड्राफ्टिंग कमेटी और संविधान सभा के सदस्यों ने करोड़ों भारतीयों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गहन और सुदूरदर्शी विचार दिए। उनके निःस्वार्थ योगदान ने भारत को आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया है।

उन्होंने आगे कहा, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद 2024 में हुए चुनावों में बड़ी संख्या में मतदान ने दुनिया को एक बार फिर हमारे लोकतंत्र में विश्वास दिखा दिया। हाल ही में हुए बिहार चुनाव में खासकर महिलाओं के भारी उत्साह और बड़ी संख्या में मतदान ने भारत के लोकतंत्र के मुकुट में एक और अनमोल हीरा जोड़ दिया है।

लोकतंत्र की मजबूती के ताजा उदाहरण

उपराष्ट्रपति ने हाल के वर्षों में लोकतंत्र की बढ़ती ताकत का उदाहरण देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद हुए चुनावों में बड़ी संख्या में लोगों ने वोट डाला। उन्होंने कहा कि यह भागीदारी बताती है कि भारत का लोकतंत्र पूरे विश्वास और भरोसे के साथ आगे बढ़ रहा है।

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