राम मंदिर का निर्माण भविष्य में रामराज्य की नींव बनेगा: भैयाजी जोशी

नई दिल्ली। राम मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने अपने कोशिशों को तेज कर दिया है। शीतकालीन सत्र के ठीक पहले एक बार फिर से विहिप ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए विशाल रैली का आयोजन किया है। यह रैली मुख्य रूप से राम मंदिर निर्माण के लिए है। विहिप चाहता है कि सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लेकर आए। विहिप इस बात को लेकर आश्वस्त भी है कि सरकार इस बार के शीतकालीन सत्र में राम मंदिर निर्माण को लेकर अध्यादेश लाएगी, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस तरह की किसी भी संभावना से इनकार किया है।

बड़े चेहरे शामिल

बड़े चेहरे शामिल

कार्यक्रम के दौरान मंच पर वीएचपी के बड़े पदाधिकारियों के साथ कई संत मौजूद हैं। धर्मसभा को साध्वी ऋतंभरा, महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, जगतगुरु हंसदेवाचार्य महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज, आरएसएस के सुरेश (भैय्याजी) जोशी, आलोक कुमार और बीएस कोकजे ने संबोधित किया।

राम राज्य में ही शांति

दिल्ली में वीएचपी की धर्मसभा में RSS के सरकार्यवाहक भैय्याजी जोशी ने कहा, 'हम चाहते हैं, जो भी हो शांति से हो, संघर्ष करना होता तो इंतजार नहीं करते. इसलिए सभी लोग इसमें सकारात्मक पहल करें. हमारा किसी के साथ संघर्ष नहीं, राम राज्य में ही शांति आती है।' दिल्ली में वीएचपी की धर्मसभा में RSS के सरकार्यवाहक भैय्या जी जोशी ने कहा, 'न्यायालय की प्रतिष्ठा बनी रहनी चाहिए. जिस देश में न्यायालय में विश्वास घटता है, उसका उत्थान होना असंभव है। इसलिए न्यायालय को भावनाओं का सम्मान करना चाहिए. देश पर हमला करने वालों के निशान मिटने चाहिए।'

आगे बढ़ो कानून बनाओ

आगे बढ़ो कानून बनाओ

धर्मसभा को संबोधित करते हुए VHP के उपाध्यक्ष चंपतराय ने कहा, 'अगर इंडिया गेट से जॉर्ज पंचम हटाए जा सकते हैं, विक्टोरिया गायब हो सकती है, इरविन हॉस्पिटल, विलिंगटन हॉस्पिटल, औरंगजेब रोड के नाम बदले जा सकते हैं, सोमनाथ पुनर्निमाण का संकल्प भारत की राजसत्ता 1950 में कर सकती है, तो आज की राजसत्ता भी संकल्प करे। हिंदुस्तान की तरुणाई इस राजसत्ता को बल प्रदान करने के लिए यहां आई है। आगे बढ़ो, कानून बनाओ, अयोध्या हिंदुओं का तीर्थ है, मोक्ष नगरी है, ये हिंदुओं का ही तीर्थ रहेगा, किसी आक्रमणकारी का कोई प्रतीक नहीं चाहिए।'

हमे कानून से मंदिर चाहिए

उन्होंने कहा, 'देश की संस्थाओं को गुलामी अस्वीकार करनी ही होगी। हमें कानून से मंदिर चाहिए। सरकार और न्यायपालिका का धर्म है कि वो जिस देश में रहते हैं, उसके सम्मान की रक्षा करें. उसके गौरव में वृद्धि करे, जिन आक्रमणकारियों ने देश पर हमले किए, उनकी निशानियां हटाओ। उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट ने भगवान राम के जन्मस्थान के 3 टुकड़े कर दिए। हमें तीन टुकड़े नहीं, पूरा स्थान चाहिए। हम एक इंच जमीन नहीं देंगे। हमें ऐसा कानून चाहिए, जिसमें भगवान राम की जन्मभूमि व लीला भूमि हिंदूओं को प्राप्त हो। हमें बंटवारा स्वीकार नहीं है।'

मंदिर का मॉडल करोड़ो घर में

मंदिर का मॉडल करोड़ो घर में

चंपतराय ने कहा, 'मंदिर वही नेतृत्व बनाएगा। उन्हीं संतों की टोली के नेतृत्व में बनेगा, जिन्होंने भगवान राम की जन्मभूमि की लड़ाई को हिंदुस्तान के 6 लाख गांवों तक पहुंचाया है। जो पिछले 32 वर्षों से रात-दिन परिश्रम करते आ रहे हैं, हमें कोई दूसरा नेतृत्व स्वीकार नहीं है। मंदिर का मॉडल देश के करोड़ों घरों में है। उसी फोटो का, उसी मॉडल का, उसी स्थान पर और उन्हीं पत्थरों से बनेगा, जो अयोध्या की कार्यशाला में तैयार हो रहे हैं।'

VHP के उपाध्यक्ष ने कहा, 'जन्मभूमि अपरिवर्तनीय है. हम और आप सभी मिलकर अपनी जन्मभूमि नहीं बदल सकते हैं। जिस गांव और झोपड़ी में हम पैदा हुए, वही हमारी जन्मभूमि है, हम भले शहर आकर अट्टालिकाओं में रहने लगे, जन्मभूमि हमारी वही रहेगी'।

आगे की योजना

अगर सरकार इस बार के शीतकालीन सत्र में मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश नहीं लाती है तो अगली धर्म संसद में भविष्य की योजना पर विचार किया जाएगा। गौर करने वाली बात है अगली धर्म संसद 31 जनवरी से 1 फरवरी के बीच प्रयागराज में महाकुंभ के बीच होगी। जनरल सेक्रेटरी सुरेंद्र जैन ने बताया कि इस कार्यक्रम में विहिप के अध्यक्ष सदाशिव कोकजे आलोक कुमार भी मौजूद रहेंगे। इस रैली को सफल बनाने के लिए विहिप के सदस्य दिल्ली में लोगों के घर-घर जाकर प्रचार कर रहे हैं।

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