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वेंकैया चुने गए तो वो देश के अब तक के ऐसे पहले उपराष्ट्रपति होंगे

नई दिल्ली। संसद में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं। सुबह 10 बजे सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना वोट डाला। अगर वेंकैया नायडू उपराष्ट्रपति पद का ये चुनाव जीत जाते हैं तो देश के इतिहास में उनका नाम एक खास वजह से भी हमेशा याद रखा जाएगा। आइए जानते हैं यह खास वजह।

ये है वह खास वजह

ये है वह खास वजह

जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आजादी के बाद 17 सितंबर 1950 को जन्मे हैं, उसी तरह की खासियत वेंकैया नायडू में भी है। अगर वेंकैया नायडू उपराष्ट्रपति पद का चुनाव जीत जाते हैं तो वह पहले ऐसे उपराष्ट्रपति होंगे, जिनका जन्म आजादी के बाद हुआ है। देश को 15 अगस्त 1947 में आजादी मिलने के बाद अभी तक जितने भी उपराष्ट्रपति बने हैं, उन सभी (12 उपराष्ट्रपति) का जन्म आजादी से पहले हुआ था, वेंकैया नायडू पहले ऐसे उपराष्ट्रपति होंगे, जिनका जन्म आजादा भारत में 1 जुलाई 1949 को हुआ है। इसी खास वजह से इनका नाम इतिहास के पन्नों पर अपनी खास छाप छोड़ जाएगा। मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का जन्म भी 1937 में हुआ था। भारत के पहले उपराष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 1888 में हुआ था।

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    उपराष्ट्रपति चुनाव में मोदी-शाह का बड़ा दांव

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    विपक्ष की ओर से गोपाल कृष्ण गांधी के नाम का ऐलान किए जाने के बाद से ही ये सवाल सभी के मन में था कि आखिर बीजेपी उपराष्ट्रपति चुनाव में किसे उम्मीदवार बनाएगी। इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तहत बड़ा सियासी दांव चल सकती है। इसी रणनीति पर चलते हुए बीजेपी ने उपराष्ट्रपति के लिए दक्षिण भारत से बीजेपी के बड़े नेता वेकैया नायडू का नाम आगे बढ़ा दिया है। आखिरकार वेंकैया नायडू को एनडीए का उम्मीदवार बनाया गया है। आइये नजर डालते हैं वेंकैया नायडू के सियासी सफर पर...

    दक्षिण भारत में बीजेपी को मजबूत बनाने की कोशिश

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    वेंकैया नायडू बीजेपी के वरिष्ठ नेता के साथ-साथ मोदी सरकार में शहरी विकास मंत्री हैं। आंध्र प्रदेश से आने वाले एम. वेंकैया नायडू, दक्षिण भारत में बीजेपी का बड़ा चेहरा रहे हैं। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष के साथ-साथ पार्टी के अलग-अलग पदों पर उन्होंने काम किया है। वेंकैया नायडू की पहचान हमेशा एक 'आंदोलनकारी' नेता के तौर पर रही है। उन्होंने 1972 में 'जय आंध्र आंदोलन' के दौरान पहली बार सुर्खियों में आए। इस दौरान उन्होंने नेल्लोर आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेते हुये विजयवाड़ा से आंदोलन का नेतृत्व किया।

    बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं वेंकैया नायडू

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    छात्र जीवन में उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विचारधारा से प्रभावित होकर आपातकालीन संघर्ष में हिस्सा लिया। उस दौरान उन्होंने प्रदर्शन किया और जेल भी जाना पड़ा। आपातकाल के बाद वो 1977 से 1980 तक जनता पार्टी के युवा शाखा के अध्यक्ष रहे। साल 2002 से 2004 तक उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का उतरदायित्व निभाया। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के तौर पर काम किया। वर्तमान मोदी सरकार में वो शहरी विकास मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री हैं।

    आंध्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं वेंकैया

    आंध्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं वेंकैया

    एम. वेंकैया नायडू का पूरा नाम मुप्पवरपु वेंकैया नायडू है। वेंकैया नायडू का जन्म 1 जुलाई 1949 को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में चावटपलेम इलाके में हुआ। उन्होंने नेल्लोर से ही अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। वी.आर. कॉलेज से राजनीति और राजनयिक अध्ययन में ग्रेजुएशन किया। बाद में आन्ध्र विश्वविद्यालय, विशाखापट्टनम से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की। 1974 में उन्होंने आंध्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए। कुछ दिनों तक वे आंध्र प्रदेश के छात्र संगठन समिति के संयोजक भी रहे हैं।

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