Vande Bharat Surekha Yadav: पहली बार महिला के हाथों कमान, PM का आभार जताया, जानिए 24 साल के सफर पर क्या कहा?
वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की अत्याधुनिक ट्रेन होने के साथ-साथ यात्रा का अद्भुत अनुभव कराती है। इस ट्रेन की कमान भारत की पहली लोकोपायलट सुरेखा यादव के हाथों सौंपी गई। उन्होंने पीएम का आभार प्रकट किया।

Vande Bharat Surekha Yadav के कुशल संचालन में ट्रेन ट्रैवल की नई इबारत लिख रहा है। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की पहली महिला लोको पायलट बनीं सुरेखा यादव ने कहा कि करीब 24 साल पहले भारतीय रेलवे में उनकी नियुक्ति हुई। इतने लंबे सफर में तमाम लोगों ने उनका समर्थन किया है।
24 साल में बदल गई तस्वीर!
सुरेखा यादव ने मुंबई तक संचालित की गई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के लिए पीएम मोदी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा, "मेरी पहली नियुक्ति 1989 में हुई थी। वहां से शुरुआत के बाद मैं अब वंदे भारत एक्सप्रेस में हूं। मुझे सभी का समर्थन मिला। मैं वंदे भारत एक्सप्रेस को मुंबई लाने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देती हूं।"

वंदे भारत नारी शक्ति द्वारा संचालित
इससे पहले वंदे भारत ट्रेन चलाने वाली पहली महिला लोकोपायलट सुरेखा यादव की तस्वीरों के साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 'नारी शक्ति' का जिक्र किया था। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 14 मार्च को ट्विटर पर लिखा, वंदे भारत "नारी शक्ति द्वारा संचालित।" रिपोर्ट के अनुसार महिला लोकोपायलट सुरेखा यादव अब मुंबई-पुणे-सोलापुर रूट पर वंदे भारत चलाती हैं।

Recommended Video
वंदे भारत ट्रेन का इतिहास
बता दें कि अत्याधुनिक स्वदेशी ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत 2019 में हुई थी। पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को नई दिल्ली-कानपुर-इलाहाबाद-वाराणसी रूट पर हरी झंडी दिखाई गई थी। पिछले साल यानी फरवरी, 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से सोलापुर तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी।

2021 में भी सुर्खियों में रहीं सुरेखा
इससे पहले सुरेखा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानी 8 मार्च के दिन भी भारतीय रेलवे को गौरवान्वित किया था। हजारों-लाखों कर्मचारियों के संगठन इंडियन रेलवे के पूरे नेटवर्क में पहली महिला ड्राइवर / लोकोपायलट सुरेखा की मुंबई-लखनऊ स्पेशल ट्रेन चलाने की तस्वीर सामने आई थी। 2021 में तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने महिलाओं की भूमिका को रेखांकित कर ट्वीट में हैशटैग नारी शक्ति रेल लिखा था।
ट्रेन का संचालन और प्रबंधन भी महिलाओं के हाथ
बकौल रेल मंत्री, #NariShakti रेल: भारतीय रेलवे की पहली महिला ड्राइवर श्रीमती सुरेखा यादव ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में मुंबई-लखनऊ स्पेशल ट्रेन को महिला कर्मचारियों के साथ संचालित किया। उन्होंने बताया था कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर झांसी और ग्वालियर के बीच बुंदेलखंड स्पेशल ट्रेन का संचालन और प्रबंधन भी महिलाओं की एक टीम कर रही है।

दुनियाभर में महिलाओं की क्षमताएं सिद्ध हुईं
बता दें कि महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस साल भी 8 मार्च के एक सप्ताह बीतने से पहले वंदे भारत एक्सप्रेस की कमान सुरेखा यादव के हाथ सौंपी गई, जिससे ये मौका विशिष्ट बन गया। इस दिन या पूरे सप्ताह ऐसी महिलाओं को याद किया जाता है, जिन्होंने सामाजिक चुनौतियों के बावजूद दुनिया भर में अपनी क्षमताएं साबित की हैं।












Click it and Unblock the Notifications