Valmiki Corporation scam: भाजपा ने कथित 187 करोड़ रु के घोटाले को लेकर सीएम सिद्धारमैया के इस्तीफे की मांग
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कर्नाटक इकाई ने राज्य के स्वामित्व वाले निगम में कथित 187 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे की मांग की है। कर्नाटक इकाई के भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र नेइस तरह के घोटाले केवल अयोग्य नेताओं के अधीन या उनकी मौन स्वीकृति से ही होते हैं।

विजयेंद्र ने कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से 187 करोड़ रुपये के दुरुपयोग पर प्रकाश डाला और कहा कि इस धन का न केवल दुरुपयोग किया गया बल्कि इसका इस्तेमाल बल्लारी में लोकसभा चुनाव के दौरान भी किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल अधिकारियों को ही जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने संकेत दिया है कि धन का इस्तेमाल अन्य राज्यों में भी किया गया था।
भाजपा अध्यक्ष ने सिद्धारमैया को दी चुनौती
विजयेंद्र ने शनिवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा "आपको इस घोटाले के सिलसिले में इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि आप वित्त विभाग के प्रभारी हैं। यह संभव नहीं है कि वित्त विभाग को अपने खातों से विभिन्न व्यक्तियों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाने के बारे में पता न हो। उन्होंने सिद्धारमैया को चुनौती दी कि वे भाजपा सरकार के घोटालों की जांच करने से पहले घोटाले से जुड़े सवालों के जवाब दें।
लेखा अधीक्षक की मौत के बाद सामने आया ये मामला
बता दें ये घोटाले की तब पोल खुली जब लेखा अधीक्षक चंद्रशेखरन पी ने 26 मई को आत्महत्या कर ली। अपने सुसाइड नोट में चंद्रशेखरन ने निगम के खातों से विभिन्न व्यक्तिगत खातों में 187 करोड़ रुपये का अवैध हस्तांतरण का आरोप लगाया।
जांच और गिरफ्तारियां
इन खुलासों के बाद कांग्रेस सरकार ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया, जिसने मामले के सिलसिले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा अवैध हस्तांतरण के बारे में शिकायत दर्ज किए जाने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मामले की जांच कर रही है।
नागेंद्र, जिन्होंने घोटाले के उजागर होने के बाद इस्तीफा दे दिया था, वर्तमान में प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं। जांच जारी है और अधिकारी इसमें शामिल सभी व्यक्तियों को उजागर करने और उनके कार्यों के लिए उन्हें जवाबदेह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।












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