Kailash Mansarovar यात्रा अब होगी आसान, उत्तराखंड वाले रूट से जल्दी होंगे 'भोले बाबा' के दर्शन
Kailash Mansarovar पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तराखंड से नया और बेहतर रूट तैयार हो रहा, जिसका 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया।

हिंदू धर्म को मानने वाले हर इंसान का सपना कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने का रहता है, लेकिन ये यात्रा इतनी ज्यादा दुर्गम रास्तों से होकर गुजरती है कि यहां जाना सबके बस की बात नहीं है। इसके अलावा इस यात्रा को पूरा करने में समय भी बहुत ज्यादा लग जाता है। हालांकि भारत सरकार काफी वक्त से कैलाश मानसरोवर यात्रा के नए रूट पर काम कर रही। ऐसे में जल्द ही यात्रियों को राहत मिलेगी और कम वक्त में आसानी से ये यात्रा होगी।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने के लिए तीन रूट हैं, जो उत्तराखंड, सिक्किम और नेपाल से होकर जाते हैं। ये तीनों ही रास्ते काफी दुर्गम हैं। कुछ वक्त पहले मोदी सरकार ने कैलाश मानसरोवर रोड प्रोजेक्ट शुरू किया था। हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया कि इस प्रोजेक्ट का 90 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो गया है। ऐसे में यात्रा अब सुगम होगी।
गडकरी के मुताबिक ये प्रोजेक्ट उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से यात्रा को आसान बनाने के लिए शुरू किया गया था। इसके तहत बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन यानी बीआरओ ने धारचूला से लिपुलेख के लिए अच्छी सड़क बना दी है। इसके अलावा धारचूला-लिपुलेख रोड, पिथौरागढ़-तवाघाट-घाटियाबागढ़ रोड को भी सही कर दिया गया। अब श्रद्धालु आसानी से कैलाश के प्रवेश द्वार लिपुलेख तक पहुंच पाएंगे। वहीं पहले इस यात्रा में दो से तीन हफ्ते का वक्त लगता था, लेकिन अब यात्रा के समय में भी कमी आएगी।
यात्रा के लिए कई कड़े नियम
आपको बता दें कि ये यात्रा मई और सितंबर में होती है, जिसे भारत सरकार चीन के साथ मिलकर पूरा करवाती है। इस यात्रा के लिए पहले आपको रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। साथ ही आपका दिल्ली में मेडिकल टेस्ट होगा। अगर आप अनफिट पाए गए, तो आपको इजाजत नहीं दी जाएगी। इस यात्रा में डेढ़ लाख से ज्यादा का खर्च आता है। हालांकि कुछ राज्य इसको लेकर सब्सिडी भी देते हैं।












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