उत्तराखंड फ्लोर टेस्ट- 31 का जादुई आंकड़ा किसके पाले में?
देहरादून। उत्तराखंड में हरीश रावत की अहम अग्निपरीक्षा है, आज होने वाले फ्लोर टेस्ट में फिर से सरकार बनाने के लिए उन्हें जादुई आंकड़ा 31 हासिल करना है। ऐसे में देखने वाली बात यह है कि 9 बागी विधायकों के निष्कासन के बाद क्या कांग्रेस इसे छू पाती है।
फ्लोर टेस्ट में नहीं हिस्सा लेंगे 9 बागी विधायक- सुप्रीम कोर्ट

आज होने वाले फ्लोर टेस्ट के लिए सोमवार की शाम चार बजे से ही धारा 144 लागू कर दी गयी है। 11 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक चलने वाले इस फ्लोर टेस्ट के लिए सुप्रीम कोर्ट ने खुद पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगने से पहले जिस तरह से लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी गयी वह प्रदेश के लोगों के लिए काफी मुश्किल रहा। जिन विधायकों को फ्लोर टेस्ट में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गयी है उनकी याचिका की सुनवाई एक बार फिर से 12 जुलाई को सुनी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरीश रावत को राहत जरूर मिली है और वह फ्लोर टेस्ट में आगे जा सकते हैं। उत्तराखंड विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 71 है और 9 विधायकों के निष्कासन के बाद यह घटकर 62 रह गयी है। ऐसे में बहुमत साबित करने के लिए 31 का जादुई आंकड़ा छूना अहम है।
मौजूदा समय में कांग्रेस के पास 27 विधायक हैं और उसे उम्मीद है कि पीडीएफ के 6 विधायक उन्हें समर्थन देंगे। 6 पीडीएफ विधायको में तीन निर्दलीय विधायक हैं 2 बसपा के विधायक हैं जबकि एक विधायक उत्तराखंड क्रांति दल का है।
वहीं भाजपा के पास कुल 27 विधायक हैं, साथ ही उसका दावा है कि उसके पास कांग्रेस के विधायक का भी साथ है। ऐसे में भाजपा के पास 28 सीट हो जायेंगी। इसके बाद भी उसे 3 विधायकों की जरूरत होगी। भाजपा का मानना है कि वह बसपा के विधायकों पर निर्भर है और उसे भरोसा है कि वह उन्हें समर्थन देंगे।












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