Ropeway:फिर काफी देर तक हवा में लटके रहे 60 लोग, BJP MLA भी फंसे थे, उत्तराखंड में इस जगह की घटना

देहरादून, 10 जुलाई: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में रविवार को रोपवे काफी देर तक हवा में झूलता रहा। इसमें करीब 60 यात्री काफी देर तक हवा में फंसे रहे। केबल कार में मौजूद यात्रियों में उत्तराखंड में सत्ताधारी बीजेपी के एक विधायक भी थे। राहत की बात ये रही कि करीब आधे घंटे के ऑपरेशन के बाद सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया और केबल कार का ऑपरेशन फिर से बहाल भी कर दिया गया है। लेकिन, इस घटना ने इस साल इस तरह हुई अबतक कि कई घटनाओं की वजह से रोपवे सेवा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

सुरकंडा देवी मंदिर रोपवे काफी देर तक हवा में रुका रहा

सुरकंडा देवी मंदिर रोपवे काफी देर तक हवा में रुका रहा

बीजेपी के एक विधायक समेत कम से कम 60 लोग करीब आधे घंटे तक एक रोपवे में आसमान में लटके रहे। केबल कार में तकनीकी खराबी आने की वजह से ये घटना हुई है। राहत की बात ये है कि विधायक समेत सभी यात्रियों को केबल कार से सुरक्षित निकाल लिया गया है। यह घटना उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले की है। जहां सुरकंडा देवी मंदिर रोपवे में यह घटना घटी हुई है। टिहरी गढ़वाल के एसएसपी नवनीत भुल्लर ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा है, सभी यात्री सुरक्षित निकल आए हैं और रोपवे अब सामान्य तरीके से चल रहा है। ट्रॉली में कोई भी पैसेंजर नहीं फंसा है।

ट्रॉली में कोई भी यात्री नहीं फंसा है-एसएसपी

ट्रॉली में कोई भी यात्री नहीं फंसा है-एसएसपी

टिहरी गढ़वाल के एसएसपी भुल्लर ने घटना् की जानकारी देते हुए कहा है कि 'सुरकंडा देवी मंदिर रोपवे ट्रॉली में तकनीकी गड़बड़ी की वजह से 20 से 25 मिनट तक रुक गया था। सभी यात्री सुरक्षित रूप से बाहर आ गए हैं और रोपवे अब सुचारू रूप से चल रहा है। ट्रॉली में कोई भी यात्री नहीं फंसा है।' उधर निखिल चौधरी नाम के एक पत्रकार ने घटना का वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए लिखा है, 'टिहरी के सुरकंडा मंदिर का रोपवे तकनीकी खामी के चलते बंद कर दिया गया था, जिसमें बीजेपी के एमएलए किशोर उपाध्याय भी शामिल थे। सभी सुरक्षित हैं और सबको सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।'

शक्तिपीठ है सुरकंडा देवी मंदिर

शक्तिपीठ है सुरकंडा देवी मंदिर

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले की सुरकंडा पहाड़ी 2750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सुरकंडा मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान जिला मुख्यालय से करीब 41 किलोमीटर की दूरी पर है। यह घने जंगलों से घिरा क्षेत्र है। खासकर हर साल मई और जून में यहां तीर्थयात्रियों की भरमार होती है। इस मंदिर तक जाने के लिए पैदल चढ़ाई का भी रास्ता है, लेकिन रोपवे ने श्रद्धालुओं के लिए यात्रा काफी सुगम बना दिया है। आस्था के मुताबिक सुरकंडा नाम सिरकंडा से बना है। माना जाता है कि यहां देवी सती का सिर कटकर गिरा था और इसी वजह से यहां पवित्र शक्ति पीठ की स्थापना हुई।

इस साल कई रोपवे हादसे हो चुके हैं

इस साल कई रोपवे हादसे हो चुके हैं

जून में हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में परवाणू टिंबर ट्रेल में एक केबल कार इसी तरह कई घंटों तक हवा में फंस गया था, जिसमें कुल 11 लोग सवार थे। एनडीआरएफ और दूसरी एजेंसियों ने 6 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद लोंगों को रेस्क्यू किया। इसी तरह मई में मध्य प्रदेश के सतना जिले में मैहर में भगवती शारदा देवी मंदिर के तीर्थयात्री भी इसी तरह केबल कार में फंस गए थे। उन्हें करीब एक घंटे बाद रेस्क्यू किया जा सका।

सुरकंडा देवी मंदिर रोपवे घटना का वीडियो

इस साल केबल कार से जुड़ा सबसे बड़ा हादसा झाकखंड के देवघर के पास त्रिकुट पहाड़ पर हुआ था। अप्रैल में हुई इस घटना में हवा में ट्रॉलियां आपस में टकरा गई थीं। इंडियन एयर फोर्स, सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और झारखंड पुलिस को इस रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा करने में कई घंटे लग गए थे। करीब 60 जानें बचाई गईं, लेकिन कम से कम दो लोगों की इसमें मौत हो गई थी। वीडियो सुरकंडा देवी मंदिर रोपवे में हुए हादसे का है।(उत्तराखंड वाली तस्वीरें-ट्विटर वीडियो से)

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