यूपी कैसे बनेगा 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था? NITI Aayog बैठक में CM योगी का 'प्लान', कृषि क्षेत्र पर जोर
नई दिल्ली, 07 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित नीति आयोग (NITI Aayog) की सातवीं बैठक को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्बोधित किया। सीएम ने भाजपा की पिछली पांच वर्ष की सरकार के कार्यकाल के दौरान यूपी के विकास और भविष्य की नीतियों का जिक्र किया। उन्होंने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यूपी को एक ट्रिलियल डॉलर की अर्थव्यवस्था (Plan for in UP economy growth ) बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए यूपी सरकार योजनाबद्ध ढंग से कार्य कर रही है। सभी टॉप सेक्टरों के साथ कृषि क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं लागू की गईं हैं।

एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में कदम
नीति आयोग (NITI Aayog) की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार का अब तक का सबसे बड़ा अभियान है। आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी का अर्थव्यवस्था का विस्तार 80 लाख करोड़ रुपये (एक ट्रिलियन डॉलर) तक करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में प्रयास कर रही है। राज्य में विशिष्ट कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किए गए हैं।जिसके जरिए सरकार ज्वार, बाजरा और गन्ने के साथ इंटरक्रॉपिंग को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश सरकार नेचुरल खेती की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके के कार्य किया जा रहा है।
कृषि क्षेत्र में सरकार को फोकस
बैठक में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के लिए डिजिटल एग्रीकल्चर ढांचे को मजबूत कर रही है। 'नमामि गंगे' योजना के अंतर्गत गंगा नदी के तट पर खेती कार्य प्रस्तावित है। राज्य में डिजिटाइज्ड कृषक डेटाबेस तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। जिसके तहत 3 करोड़ किसानों का पंजीकरण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विशिष्ट कृषि उत्पादों हेतु 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किए गए हैं। ज्वार, बाजरा तथा गन्ने के साथ इंटरक्रॉपिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं बुंदेलखंड क्षेत्र के सात जिलों में गो-आधारित खेती की योजना को स्वीकृति मिली है।
2025 तक यूपी की अर्थव्यवस्था 1 ट्रिलियन
यूनाइटेड नेशन द्वारा वर्ष 2023 में 'इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स' मनाए जाने के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा व्यापक तैयारी प्रारम्भ कर दी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के सामने आवास, वाटर सप्लाई, सॉलिड वेस्ट प्रबंधन, वायु गुणवत्ता - प्रदूषण, रोजगार और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसी चुनौतियां हैं। सीएम ने कहा कि शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति को भी मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके तहत 16 नगर निगमों में जीआईएस सर्वेक्षण किया जा रहा है।












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