भइया, खतरे से खाली नहीं है यूपी-बिहार के हाईवे का सफर
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। अगर आप उत्तर प्रदेश और बिहार के हाईवे पर सफर करते वक्त अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंच जाते हैं तो समझ लें कि आप बहुत भाग्यशाली हैं। इन दोनों राज्यों के हाईवे पर सफर करने वालों को रोककर लूटना, डकैती, मार डालना या उनके साथ गड़बड़ करना अब आम बात हो गई है। यह हम नहीं कह रहे है। इस बात को नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो भी बता रहा है।

बचकर जाना उत्तर प्रदेश-बिहार के हाईवे पर
आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश और बिहार के हाईवे पर सबसे अधिक अपराध घटते हैं। इनकी संख्या बाकी राज्यों के हाईवे पर होने वाले अपराधों से ज्यादा है। पिछले तीन साल के आंकड़ें यह जानकारी चीख-चीख कर देते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और बिहार के हिस्से में रहे देश के कुल हाईवे अपराधों का करीब 53 फीसद। इसके बाद उड़ीसा,महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश का स्थान है। इधर भी जमकर लूटमार और डकैतियां हुईं।
उत्तर प्रदेश पुलिस के एक आला अफसर ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि उन्हीं सूबों के हाईवे पर अपराध ज्यादा हो रहे हैं,जहां के छोटे-बड़े शहरों में भी अपराध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस को कई बार हाईवे को बंद कर देना होता है विभिन्न कारणों के चलते। जब वाहन छोटे- मोटे संकरें रास्तों से गुजरते हैं तो उन्हें अपराधी तत्व लूट लेते हैं।
छोटे अपराध में भी यूपी अव्वल
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में विगत तीन सालों में हाईवे पर चोरी के 64 हजार से कुछ ज्यादा मामले सामने आए। यहां पर भी पड़ोसी बिहार को दूसरा स्थान मिला। इधर चोरी के 1500 मामले दर्ज किए गए।
अपनी हालिया बिहार य़ात्रा के बाद वरिष्ठ पत्रकार शशि झा ने कहा कि उन्हें पटना से सीतामढ़ी हाईवे से जाना पड़ा। रास्ते में कई बार उनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश हुई, पर वे निकल गए संदिग्ध लोगों को चकमा देकर। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर बिहार के हाईवे के हालात बेहद नाजुक हैं। उन पर कहीं पुलिस नजर नहीं दिखती।












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