US Deported Indians: जंजीरों में US से डिपोर्ट, अब भारत में भी सुकून नहीं! क्या दोबारा मिलेगा वीजा?
US Deported Indians: अमेरिका जाने का सपना देखने वाले सैकड़ों भारतीयों ने न जाने कितनी मुश्किलें झेलीं-18 पहाड़ियां लांघी, 40-45 किलोमीटर पैदल चले, 15 घंटे तक भूखे-प्यासे सफर किया, लाखों रुपये खर्च किए, यहां तक कि घर और जमीन भी बेच डाली। किसी तरह वे 'डंकी रूट' (Dunki Route)से अमेरिका पहुंचे, लेकिन वहां बसने से पहले ही ट्रंप प्रशासन की सख्ती ने उनके सपनों को तोड़ दिया।
अब जंजीरों में जकड़े हुए, हथकड़ियों में बंद ये भारतीय वापस भारत भेज दिए गए हैं, और उनकी मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। तमाम मुश्किलों के बाद भी राहत मिलने के आसार भारत में भी नहीं दिख रहे हैं। दरअसल, अमेरिका से डिपोर्ट अवैध प्रवासियों को अब भारत में भी सुकून छिन सकता है। आइए जानते हैं कैसे उनका भविष्य कटघरे में...

अमेरिका से निर्वासन क्यों हुआ?
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) प्रशासन के दौरान अवैध अप्रवासियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए थे। अमेरिका का कहना है कि बिना सही दस्तावेजों के रहने वाले लोगों को देश से बाहर निकाला जाएगा। कई भारतीय भी इसी वजह से निर्वासित हुए हैं। भारत सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने कहा है कि सरकार सुनिश्चित कर रही है कि इन प्रवासियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो।
क्या भारत में इन पर कोई कानूनी कार्रवाई होगी?
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ अधिवक्ता और दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष केके मेनन ( KK Manan) के हवाले से बताया गया कि अगर किसी व्यक्ति के पास असली भारतीय पासपोर्ट है और उसने सही दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है, तो भारत में उसे किसी कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन, अगर किसी ने फर्जी पासपोर्ट बनाया हो, झूठी जानकारी दी हो, या 'डंकी' (Dunki) रूट का इस्तेमाल किया हो, तो उसे पासपोर्ट अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है।
क्या वे दोबारा अमेरिका जा सकेंगे?
केके मनन ने यह भी बताया कि जो लोग अवैध तरीके से अमेरिका गए थे और अब निर्वासित हो चुके हैं, उनके लिए वापस जाना लगभग नामुमकिन है। वीजा आवेदन में पूछा जाता है कि क्या आवेदक को कभी निर्वासित किया गया है, और अगर जवाब 'हां' है, तो अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों से वीजा मिलना मुश्किल हो जाएगा। अमेरिकी दूतावास के मुताबिक, निर्वासित व्यक्ति को कम से कम 5 से 10 साल तक दोबारा वीजा नहीं दिया जाएगा।
ट्रैवल एजेंटों पर होगी कार्रवाई?
बताया गया कि अवैध अप्रवास में सबसे बड़ा रोल ट्रैवल एजेंटों का होता है, जो लाखों रुपये लेकर लोगों को झूठे सपने बेचते हैं। कई एजेंट भारतीयों को खतरनाक रूट से अमेरिका भेजते हैं, जहां वे कई बार बेहद खराब हालात में सफर करने को मजबूर हो जाते हैं। पंजाब सरकार और भारतीय प्रशासन अब इन एजेंटों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में 38 ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं।
डंकी (Dunki) रूट का दर्द: परिवारों पर दोहरी मार
पंजाब में खासतौर पर दोआबा और ग्रामीण इलाकों में, कई परिवार अपनी सारी संपत्ति बेचकर बेटे को विदेश भेजने के लिए पैसा इकट्ठा करते हैं। लेकिन जब वे निर्वासित होकर लौटते हैं, तो यह उन परिवारों के लिए दोहरी मार होती है। न सिर्फ उनकी कमाई गई सारी पूंजी चली जाती है, बल्कि विदेश में बसने का सपना भी चकनाचूर हो जाता है। सरकार ने संसद में कहा है कि अवैध अप्रवासन रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। अवैध ट्रैवल एजेंटों पर कार्रवाई जारी है और जल्द ही और भी कड़ी सजाएं लागू हो सकती हैं।
क्या अवैध अप्रवास का रास्ता सही है?
अमेरिका या किसी और देश में जाकर बसने का सपना हर किसी को होता है, लेकिन अवैध तरीके से वहां जाना कितना सही है? यह रास्ता न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि भविष्य को भी बर्बाद कर सकता है। सरकार और समाज को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि लोग झूठे सपनों के झांसे में न आएं और सुरक्षित व वैध तरीके से विदेश जाने की योजना बनाएं।












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