उर्मिला मांतोडकर ने बताई कांग्रेस छोड़ शिवसेना में आने की वजह, राहुल-सोनिया गांधी से रिश्तों पर भी दिया जवाब
नई दिल्ली। उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) एक फिल्म अभिनेत्री के तौर पर काफी लोकप्रिय रही हैं लेकिन बीते कुछ समय से वो अपनी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा में हैं। बीते साल, 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की थी और मुंबई से चुनाव लड़ा था। चुनाव में हार के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी। हाल ही में वो शिवसेना में शामिल हो गई हैं और उनका नाम एमएलसी सीट के लिए भी राज्यपाल को भेजा गया है। उर्मिला ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में अपने राजनीतिक करियर पर बात की है। उन्होंने कांग्रेस छोड़ने, गांधी परिवार से रिश्ते और शिवसेना की हिन्दुत्ववादी विचारधारा को लेकर भी जवाब दिया है।

कांग्रेस के साथ भी अच्छा रहा सफर
उर्मिला मातोंडकर कहा, मैं करीब छह महीने तक कांग्रेस में रही। पार्टी ज्वाइन करने या छोड़ने को लेकर मुझे कोई पछतावा नहीं है। कांग्रेस के साथ लोकसभा चुनावों में 28 दिनों के चुनावी कैंपेन का वक्त काफी अच्छा रहा, मेरी इस दौरान की बहुत सी अच्छी यादें हैं। उर्मिला ने कहा कि पार्टी छोड़ने की वजह चुनाव में हार नहीं थी, हार-जीत लगी रहती है। मेरी अंतरात्मा की आवाज थी कि मुझे पार्टी छोड़ देनी चाहिए और मैं अलग हो गई। उर्मिला ने कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस के दूसरे सीनियर नेताओं के लिए मेरे मन में आज भी सम्मान है। उन लोगों ने मुझ पर जो भरोसा दिखाया, उसकी मैं कद्र करती हूं।

कांग्रेस ने ऑफर की थी एमएलसी सीट, मैंने मना कर दिया
उर्मिला ने बताया है कि कांग्रेस की ओर से उन्हें महाराष्ट्र विधान परिषद में गवर्नर के कोटा से सीट का ऑफर आया था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, मुझे लगा कि जब मैंने पार्टी छोड़ दी है तो अब इस तरह पार्टी की ओर से ये सीट स्वीकार करना ठीक नहीं है। अब शिवसेना ने उनका नाम विधान परिषद के लिए भेजा है। हालांकि उर्मिला का कहना है कि शिवसेना उन्होंने किसी पोस्ट के लिए जॉइन नहीं की है, ऐसे में वो विधान परिषद की ओर नहीं देख रही हैं।

ठाकरे सरकार ने किया है बढ़िया काम
शिवसेना से जुड़ने को लेकर उर्मिला ने कहा, उद्धव ठाकरे के नेतृ्तव वाली महाविकास अघाड़ी सरकार ने महाराष्ट्र में शानदार काम किया है। सरकार का अब तक का कार्यकाल बहुत अच्छा रहा है। कोविड के समय जिस तरह से सरकार ने काम किया वो खासतौर पर बढ़िया था। इसी को देखते हुए मैं शिवसेना से जुड़ी हूं।
शिवसेना की हिन्दूवादी विचारधारा के सवाल पर उर्मिला ने कहा, शिवसेना हिंदुत्ववादी पार्टी है और रहेगी। मेरे लिए धर्मनिरपेक्ष होने का मतलब यह नहीं है कि आप धर्म में यकीन नहीं रखते, वहीं हिंदू होने का यह मतलब नहीं है कि आप दूसरे धर्म से नफरत करते हैं। हिंदू धर्म महान धर्म है और सबको साथ लेकर चलता है।

मुझे ट्वीट करने वाली लीडर नहीं बनना
उर्मिला मातोंडकर ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को लेकर कहा, मेरा इरादा लोगों का नेता बनने का है। मैं ऐसा नेता नहीं बनना चाहती जो एसी रूम में बैठकर ट्वीट कर दे और अपना काम खत्म समझ ले। मेरा इरादा बिना किसी भेदभाव के काम करने का है। मैं सीख रही हूं और लगातार लोगों के लिए काम करती रहूंगी।












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