UPSC Pratibha Setu: यूपीएससी में फेल होने वालों को नौकरी दे रहा प्रतिभा सेतु पोर्टल, कैसे उठाएं योजना का लाभ?
UPSC Pratibha Setu: UPSC की कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं से होकर गुजरने वाले हजारों युवा, जो सिर्फ एक मामूली अंतर से अंतिम चयन से चूक जाते हैं, अब निराश नहीं होंगे। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अपनी 'पब्लिक डिस्क्लोजर स्कीम' को नया स्वरूप और नाम देते हुए 'प्रतिभा सेतु' (PRATIBHA Setu) के रूप में पेश किया है। 'प्रतिभा सेतु' डिजिटल प्लेटफॉर्म ऐसे उम्मीदवारों के लिए एक सेतु बनेगा, जिनकी काबिलियत तो अपार है लेकिन जिनका सरकारी सेवा में चयन नहीं हो पाया।
What is UPSC Pratibha Setu: क्या है 'प्रतिभा सेतु'?
यह एक विशेष पोर्टल है जिसे प्रोफेशनल रिसोर्स एंड टैलेंट इंटीग्रेशन- ब्रिज फॉर हायरिंग एस्पिरेंट्स (PRATIBHA) नाम दिया गया है। इसके ज़रिये प्राइवेट सेक्टर, पब्लिक सेक्टर यूनिट्स, मंत्रालय और अन्य स्वायत्त निकाय ऐसे उम्मीदवारों तक पहुंच सकेंगे जो UPSC की मुख्य परीक्षाओं के अंतिम चरणों तक पहुंचे थे लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बना सके।

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अब तक 10,000 से अधिक उम्मीदवारों की प्रोफाइल पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। नियोक्ता इन उम्मीदवारों की उम्र, शैक्षिक योग्यता, अनुभव और संपर्क विवरण जैसी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, बशर्ते उम्मीदवारों ने अपनी जानकारी साझा करने की सहमति दी हो।
Why UPSC Pratibha Setu: UPSC से निकले, लेकिन देश के निर्माण में रहेंगे आगे
हर साल लाखों युवा UPSC की तैयारी करते हैं, जिनमें से करीब एक हजार अभ्यर्थियों का ही IAS, IPS, IFS जैसी सेवाओं में चयनित हो पाता है। उदाहरण के लिए, 2024 में 13.4 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, लेकिन अंतिम रूप से केवल 1,009 को चुना गया। इसके बावजूद हजारों ऐसे उम्मीदवार होते हैं, प्रिलिम्स, मेंस और इंटरव्यू तक पहुंचते हैं, लेकिन अंतिम मेरिट सूची में नहीं आ पाते। ऐसे युवाओं में योग्यता, समर्पण और मेहनत की कोई कमी नहीं होती। 'प्रतिभा सेतु' ऐसे उम्मीदवारों को सरकारी चयन प्रक्रिया से अलग भी आगे बढ़ने का रास्ता देता है।

Way of operating UPSC Pratibha Setu: कौन-कौन हो पाएगा इस योजना का हिस्सा?
फिलहाल UPSC की 8 प्रमुख परीक्षाएं इस योजना में शामिल हैं।
- सिविल सेवा परीक्षा
- वन सेवा
- इंजीनियरिंग सेवा
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल
- संयुक्त रक्षा सेवा
- संयुक्त चिकित्सा सेवा
- भू-वैज्ञानिक सेवा
- IES/ISS परीक्षाएं
हालांकि, NDA/NA और कुछ विभागीय सीमित प्रतियोगिताएं (LDCE) योजना में शामिल नहीं की गई हैं।
कंपिनयों के लिए भी सुनहरा अवसर
किसी भी कंपनी या सार्वजनिक उपक्रम को केवल अपना कॉर्पोरेट आइडेंटिफिकेशन नंबर (CIN) देकर इस पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद उन्हें लॉगिन एक्सेस मिलेगा, जिससे वे डैशबोर्ड पर उम्मीदवारों की जानकारी देख सकेंगे और सीधे शॉर्टलिस्टिंग, इंटरव्यू और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। पोर्टल के जरिये मंत्रालय, सार्वजनिक उपक्रम, स्वायत निकाय और प्राइवेट कंपनियों जैसे सत्यापित नियोक्ता उन उम्मीदवारों से जुड़ सकेंगे, जो परीक्षा के सभी चरणों से गुजरने के बावजूद मेरिट में नहीं आ पाए। 10 हजार उम्मीदवारों का डेटा पोर्टल पर है।
यह सिर्फ एक योजना नहीं, एक दूसरा मौका है
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हर साल लाखों युवा यूपीएससी की परीक्षा देते हैं। सिविल सेवा परीक्षा 2024 के लिए 13.4 लाख आवेदन आए थे। 14,627 प्रीलिम्स में क्वालिफाई हुए। मेन्स के बाद 2,845 उम्मीदवार इंटरव्यू तक पहुंचे। इनमें से 1,009 ही चुने गए। प्रतिभा सेतु बाकी हजारों प्रतिभावान उम्मीदवारों के लिए उम्मीद की किरण लाया है।
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