Rau's कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से तीन मृतक छात्रों की हुई पहचान, एक छात्र था JNU का PhD स्कॉलर
देश की राजधानी में चर्चित यूपीएससी की कोचिंग Rau's IAS के बेसमेंट में पानी भरने से तीन लोगों की मौत हो गई है। बेसमेंट में फंसे कई छात्रों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन अब समाप्त हो गया है।
इस हादसे में दो छात्राओं और एक छात्र की मौत हो गई है। इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं हादसे के बाद छात्र धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और इस घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

कौन हैं तीन छात्र
इस हादसे में केरल के नेविन डाल्विन की जान चली गई है। पिछले आठ महीनों से वह यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। वह दिल्ली के जेएनयू में पीएचडी भी कर रहे थे। डॉल्विन पटेल नगर में रहते थे और सुबह तकरीबन 10 बजे लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए गए थे।
वहीं एक और छात्र तान्या सोनी और श्रेया यादव की भी हादसे में मौत हुई है। श्रेया ने जून माह में ही कोचिंग में दाखिला लिया था। वह यूपी के अंबेडकर नगर जिले के बरसावां हाशिमपुर की रहने वाली थीं।
मजिस्ट्रेट जांच का आदेश
हादसे में जान गंवाने वाले तीनों छात्रों की पहचान हो गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भेजा गया है। मृतकों की पहचान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्र नवीन दलविन, तान्या सोनी और श्रेया यादव के रूप में हुई है। दिल्ली सरकार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी है।
2-3 मिनट में भर गया पानी
दिल्ली अग्निशमन विभाग ने बताया कि कोचिंग सेंटर का बेसमेंट तेजी से पानी से भर गया था, जिससे कई छात्र फंस गए थे। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम ने गोताखोरों के साथ पानी में उतरकर बचाव अभियान चलाया। बेसमेंट में महज 2-3 मिनट के भीतर पानी भर गया था, जिसमे तीन लोगों की मौत हो गई।
शुरुआती जांच से पता चला है कि बेसमेंट में स्थित एक लाइब्रेरी बाढ़ से प्रभावित हुई है। छात्रों ने बताया कि पानी बहुत अधिक दबाव के साथ घुसा और जल्दी ही पूरी जगह भर गई। उन्हें बाहर निकलने में मदद करने के लिए रस्सियां फेंकी गईं, लेकिन अंदर सही से दिखाई नहीं देने की वजह से, गंदा पानी होने की वजह से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
इस घटना के बाद भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने आरोप लगाया कि बाढ़ इसलिए आई क्योंकि नाले की सफाई नहीं की गई थी। उन्होंने स्थानीय विधायक पर इस पूरे मामले की अनदेखी का आरोप लगाया है।
पानी निकालने के लिए चार मोटर पंपों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन तैरते फर्नीचर ने बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बाढ़ के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को दोषी ठहराया और जवाबदेही की मांग की।
दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने घटना के बारे में ट्वीट किया और मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। वहीं पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बेसमेंट में इतनी जल्दी पानी कैसे भर गया। दिल्ली पुलिस ने ट्वीट करके कहा कि इस दुखद हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है। उनके परिवारों को जानकारी दे दी गई है। मामले की आगे की जांच की जा रही है।












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