ज्योतिरादित्य सिंधिया पर TMC नेता कल्याण बनर्जी के 'लेडी किलर' वाले बयान पर हंगामा, भड़कीं महिला सांसद
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में एक विवादास्पद घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेडी किलर कहकर संबोधित किया। जिससे व्यापक नाराजगी फैल गई। इस बयान पर भाजपा की महिला सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई और बनर्जी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
आपत्तिजनक बयान पर बनर्जी ने मांगी माफी
घटना आपदा प्रबंधन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा के दौरान हुई। जब कल्याण बनर्जी ने केंद्र सरकार पर महामारी के दौरान सहयोग न करने का आरोप लगाया। चर्चा के दौरान बनर्जी ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। बाद में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। बनर्जी ने अपने शब्दों के लिए माफी मांगी। लेकिन यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने माफी ठुकराई
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इस बयान को गंभीर रूप से अस्वीकार्य बताया और बनर्जी की माफी ठुकरा दी। उन्होंने कहा कि हम यहां राष्ट्र के विकास के लिए आते हैं। लेकिन यदि आप व्यक्तिगत हमले करेंगे तो प्रतिक्रिया के लिए भी तैयार रहिए। सिंधिया ने संसद में गरिमा और सम्मान बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भाजपा महिला सांसदों ने की कार्रवाई की मांग
भाजपा की महिला सांसदों के एक समूह ने इस मामले को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के समक्ष उठाया। आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दग्गुबाती पुरंदेश्वरी ने बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक बयानों का बनर्जी का इतिहास रहा है। उन्होंने इसे विशेष रूप से दुर्भाग्यपूर्ण बताया। क्योंकि बनर्जी एक महिला मुख्यमंत्री वाले राज्य पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हैं।
महिला सांसदों का सख्त संदेश
महिला सांसदों ने इस मामले को संसद में महिलाओं के प्रति सम्मान सुनिश्चित करने का मुद्दा बताया। पुरंदेश्वरी ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां न केवल महिलाओं का अपमान करती हैं। बल्कि विधायी वातावरण की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने से पहले सोचे।
राजनीतिक और सामाजिक बहस को दी नई दिशा
यह घटना न केवल निर्वाचित प्रतिनिधियों के आचरण पर सवाल उठाती है। बल्कि संसद में गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल देती है। भाजपा महिला सांसदों और संबंधित अधिकारियों के बीच बैठकों ने बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को और तेज कर दिया है।
संसद में गरिमा और शिष्टाचार बनाए रखने की आवश्यकता
यह विवाद संसद में व्यक्तिगत हमलों के लिए शून्य सहिष्णुता की नीति को दोहराने का अवसर बन गया है। महिला सांसदों का यह रुख संसदीय कार्यवाही में शिष्टाचार और गरिमा को बनाए रखने के लिए एक मिसाल पेश करता है।
लोकसभा में हुई इस घटना ने एक बार फिर निर्वाचित प्रतिनिधियों के आचरण और संसदीय माहौल में सम्मान बनाए रखने की जरूरत को उजागर किया है। महिला सांसदों की सख्त प्रतिक्रिया और केंद्रीय मंत्री सिंधिया का ठोस रुख इस मुद्दे को और गहरा बनाता है। इस विवाद के बाद संसद में सम्मानजनक और रचनात्मक बहस का वातावरण सुनिश्चित करने के लिए नए कदम उठाए जाने की संभावना है।












Click it and Unblock the Notifications