उपहार अग्निकांड- कौन देगा नीलम कृष्णमूर्ति के आंसुओं के जवाब
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) नीलम कृष्णमूर्ति के आँसू जवाब माँगते हैं? उपहार अग्निकांड में उनके दो बच्चों की जान चली गई थी। इस केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बहुत से लोग निराश नजर आ रहे हैं।

कहा जा रहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट अंसल बंधुओं को दोषमुक्त कर दिया होता तो इतने सवाल नहीं उठते। और ऐसा कोर्ट कर भी सकती थी, ये कहकर कि सिनेमा हॉल में हुयी दुर्घटना के लिए उनको जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। ऐसा कई मामलों में हुआ भी होगा।
दोषी तो माना
लेकिन, सप्रीम कोर्ट ने तो माना कि 59 लोगों के मौत के दोषी हैं। लीगल मामलों के जानकार प्रभाकर मिश्र कहते हैं कि इसके पहले दो जजों जस्टिस ठाकुर और जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा की बेंच ने भी तो अंसल बंधुओं को दोषी माना था।
मतभेद तो था
मतभेद तो सजा को लेकर था। जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा ने दो दो साल की सजा सुनाई और जस्टिस ठाकुर हाईकोर्ट के एक साल की सजा ठीक लगी न्यायसंगत लगी थी। दोनों जजों में मतभेद हुआ तो मामला आप तीन जजों को सौंपा गया था।
जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा ने अपने फैसले में जरूर कहा था कि अगर 50-50 करोड़ जुर्माना देने को तैयार हों तो एक साल जेल में रहने के बाद अंसल भाइयों को रिहा किया जा सकता है ।
गया गलत संदेश
विधि के जानकार कहते हैं कि साठ करोड़ का जुर्माना लगाकर छोड़ देने से आम आदमी में सही सन्देश नहीं गया है । लोगों को लगता है कि कानून के सामने सब लोग बराबर नहीं हैं। न्याय होना ही काफी नहीं, न्याय होते हुए दिखना भी चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications