'चिदंबरम ने कुछ कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए नीति में किया परिवर्तन'
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 2014 में कांग्रेस पार्टी ने आम चुनाव के दौरान चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि 15 मई को नीतिगत फैसले लिए गए। पी चिदंबरम ने 15 मई, 2014 को 80:20 स्कीम पर हस्ताक्षर किए। 16 मई को आम चुनाव के नतीजे आने वाले थे। उससे एक दिन पहले नियमों में बदलाव किया गया। इस फैसले के जरिए कई कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया, जिसमें मेहुल चौकसी की कंपनी भी शामिल है।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि यूपीए सरकार के दौरान घोषित 'गोल्ड स्कीम' से सार्वजनिक धन की भारी लूट हुई। यूपीए सरकार के दौरान तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कुछ कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए नीति में परिवर्तन किया था। जिन पर 80/20 स्कीम को लेकर प्रतिबंध लगाया गया था उन्हें इसमें शामिल कर लिया गया। उस समय कांग्रेस की सरकार ने सोने के निर्यात के लिए कुछ कंपनियों को अधिकार दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ट्रेडिंग हाउसों को भारत के किसी भी पोर्ट से 2000 किलोग्राम सोना आयात करने की मंजूरी दी गई। इस पर किसी प्रकार का न तो नियंत्रण था न ही वेरिफिकेशन किया गया। निर्यात-आयात का अधिकार सिर्फ पीएसयू और सार्वजनिक कंपनियों, एसबीआई, स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन को है। चुनावी आचार संहिता आरबीआई पर भी लागू होती है।












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