युवा और पिछड़ों को अपने पक्ष में करने के लिए बीजेपी का मास्टर प्लान तैयार
लखनऊ। दलित वर्ग और उसे जुटाने के लिए भाजपा, बसपा के द्वारा खींचे जा रहे खाके। सूबे में किसी भी पार्टी की जीत के लिए यह वर्ग काफी मायने रखता है। वहीं दूसरी ओर युवा जो कि हर दल के लिए महत्वपूर्ण है। जिस ओर भी पलायन कर गया उसकी जीत सुनिश्चित कर देता है।

नतीजा 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी देखने को मिला। लेकिन दिल्ली और बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा की रणनीति पूरी तरह से असफल साबित हुईं और नतीजे सबके सामने हैं। केंद्र में एनडीए की सरकार के बाद भाजपा कतई राज्यों से खोते वर्चस्व की कल्पना नहीं कर सकती थी। फिर भी कुछ फीसदी हिस्सा भाजपा के हाथ से फिसल गया। लेकिन अब सबसे अहम है उत्तर प्रदेश चुनाव। जिसके लिए भाजपा कोई कोरकसर नहीं छोड़ना चाहती। इसी क्रम में बीजेपी के द्वारा धीरे-धीरे आगे की रणनीतियों से पर्दा उठाया जा रहा है।
युवाओं के 92 तो पिछड़ों के 200 सम्मेलन
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों पर अब बीजेपी पूरी तरह से ताकत झोंकने में जुट गई है। जिसके लिए खाका खींचने के लिए प्रदेश पदाधिकारियों की खास बैठक हुई। बैठक में युवाओं के 92 और पिछड़े वर्ग के 200 सम्मेलन करने का फैसला किया गया है। साथ ही प्रदेश के संवेदनशील हिस्सों में परिवर्तन यात्राएं निकाली जाएंगी। ताकि जनता को एकजुट किया जा सके।
नए मतदाताओं का पंजीकरण
प्राप्त जानकारी के मुताबिक 1 से 10 सितंबर तक नए मतदाताओं के पंजीकरण का कार्यक्रम चलाया जाएगा। जबकि 11 से 30 सितंबर तक प्रत्येक विधानसभा में बूथ अध्यक्षों की बैठक होगी। साथ ही इन सबके इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं को बूथ स्तर तक पहुंचाने के लिए महिला सम्मेलनों का भी आयोजन किया जाएगा।
युवाओं को एकजुट करने की कोशिश
बैठक का आयोजन प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश माथुर की मौजूदगी में हुआ। जिसमें यह तय किया गया कि प्रत्येक दो विधानसभा क्षेत्रों में पिछड़े वर्ग का एक सम्मेलन किया जाएगा। इस तरह से प्रदेश में कुल मिलाकर 200 सम्मेलन करने की योजना है। संगठन की दृष्टि से यदि गौर किया जाए तो प्रदेश में भाजपा के 92 जिले हैं। और प्रत्येक जिले में युवाओं को बटोरने की खातिर युवा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।












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