Unlock 1: इन शर्तों के साथ देश में खुले धार्मिक स्थल, रखना होगा इन बातों का ख्याल
नई दिल्ली। 8 जून यानी आज से देश में धार्मिंक स्थलों को खोलने को इजाजत मिल गई है। देशभर में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे आदि सब खोल दिए गए हैं। मंदिरों के खुलते ही वहां लोगों की भीड़ देखने को मिली। दिल्ली के कालका जी मंदिर में श्रद्धालओं की लंबी कतारे लग गए। हालांकि सरकार ने कुछ शर्तों के साथ मंदिरों और अन्य धार्मिंक स्थलों को खोलने की इजाजत दी है। जहां दिल्ली में मंदिरों में भक्तों की लंबी कतार दिखी तो वहीं लखनऊ में लोगों ने मस्जिद में नमाज अदा की।

आज से खुले देशभर के धार्मिंक स्थल
केंद्र सरकार की ओर से मंदिरों, मस्जिद और धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए नई गाइडलाइन और मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure) जारी की है। जिसका पालन धार्मिंक स्थलों पर रखना अनिवार्य है। केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए SOP के मुताबिक मंदिरों में अब न तो आपको प्रसाद मिलेगा और न ही पवित्र जल का छिड़काव आपके ऊपर होगा। लोगों को भगवान को छूने तक की छूट नहीं मिली है। वहीं नमाज पढ़ते वक्त उचित दूरी रखनी होगी।

इन शर्तों के साथ खुले मंदिर
केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए नए SOP के मुताबिक 8 जून से मंदिर और धार्मिक स्थल खुल गए। मंदिरों में प्रवेश के लिए आपको मास्क पहनना अनिवार्य होगा। मंदिर प्रागंण में प्रवेश से पहले हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना होगा। वहीं भक्तों और श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा। इतना ही नहीं मंदिरों में प्रवेश के लिए आपके पास आरोग्य सेतु ऐप भी होना चाहिए।

धार्मिंक स्थलों के लिए नई गाइडलाइंस
नहीं मिलेगा प्रसाद मंदिरों में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य है।
केवल स्वस्थ लोगों को ही मंदिर में जाने की इजाजत मिलेगी।
वहीं मंदिरों में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए जागरुकता वाले पोस्टर और संदेश लगाने होंगे।
मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या निश्चित होगी।
आप अपने जूते-चप्पल मंदिर के बाहर नहीं उतार सकते।
या तो आप अपने जूते-चप्पल गाड़ी में उतारे या फिर उचित दूरी के साथ अलग रखे।
मंदिरों में श्रद्धालुओं की लाइन के लिए उचित दूरी को मार्क करना होगा।
नहीं छू सकेंगे भगवान की मूर्ति नहीं छू सकेंगे भगवान की मूर्ति भक्त भगवान की मूर्ति को नहीं छू सकते हैं।
वहीं आपको मंदिर में न तो प्रसाद मिलेगा और न ही पवित्र जल ।
मंदिरों और धार्मिक स्थलों में प्रवेश और निकासी को अलग-अलग रखना होगा।
मंदिरों में भजन और गायन मंडली पर पाबंदी होगी।
वहीं मंदिरों में पूजा के लिए आपको अपने घर से आसन लाना होगा।
मंदिर और मंदिर प्रांगण को दिन में कई बार धोना होगा।
अगर मंदि में एसी लगा है तो उसका तापमान 24 से 30 डिग्री के बीच रखना होगा।












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