भागलपुर हिंसा: भाजपा मंत्री बोले, 'हे राम कहना गुनाह है तो गांधी सबसे बड़े सांप्रदायिक'
भागलपुर। बिहार के भागलपुर के नाथनगर में शनिवार को भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर निकले जुलूस के बाद दो पक्षों में हुई हिंसक झड़प में 60 लोग घायल हो गए। दो पक्षों के बीच हुए तनाव के बाद रविवार को पूरी तरह शांति रही। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी दिनभर प्रभावित इलाकों में मुस्तैद रहे। भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर नववर्ष आयोजन समिति द्वारा बाइक जुलूस निकाला गया था। इस जुलूस की अगुवाई केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौधरी के बेटे अर्जित शाश्वत कर रहे थे।

मुस्लिम बाहुल्य मोहल्ले में हुई पत्थरबाजी
जब यात्रा चंपानगर चौक पर दोपहर तीन बजे पहुंची तो वहां पर जमकर पत्थरबाजी, गोलीबारी और बमबाजी हुई। पांच दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। ईंट-पत्थर लगने से डीएसपी और इंस्पेक्टर जख्मी हो गए। नाथनगर इंस्पेक्टर ने मंदिर में छुपकर जान बचाई। इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस ने शहर में अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। उपद्रव में पुलिस की ओर से थाने में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र व भाजपा नेता अर्जित शाश्वत चौबे समेत 21 लोगों पर केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने कुल दो मामले दर्ज किये हैं।

महात्मा गांधी भी सबसे बड़े सांप्रदायिक
इस दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि भारत में रह कर वंदे मातरम और हे राम कहना गुनाह है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह राम की धरती है और भारत माता की शोभायात्रा निकालना किसी तरह का गुनाह नहीं है। अगर यह सांप्रदायिक बात है तो महात्मा गांधी भी सबसे बड़े सांप्रदायिक थे। गांधी जी मरते-मरते भी हे राम कह कर ही इस धरती को छोड़ कर गए थे। उन्होंने कहा कि सभी लोग अंग-बंग की धरती को कलंकित होने से बचाएं। यहां हिन्दू-मुस्लिम भाई-भाई की तरह रहते हैं और हमें उम्मीद है कि यहां के लोग दुबारा इस धरती को कलंकित नहीं होने देंगे।

मुझे गर्व है कि अर्जित मेरा पुत्र है
वहीं अपने बेटे का पक्ष लेते हुए अश्विनी चौबे ने कहा कि, मेरा पुत्र तो हजारों-लाखों में है। मुझे गर्व है कि अर्जित मेरा पुत्र है। पार्टी का एक वरिष्ठ सहयोगी कार्यकर्ता होने के नाते उसने भारतीय नव वर्ष पर भारत माता की झांकी व शोभायात्रा निकाली। जहां तक बात है कि प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई तो शोभायात्रा हर थाना क्षेत्र से होकर गुजरती रही। भागलपुर में हुई इस हिंसक झड़प को अब तेजस्वी यादव ने राजनीतिक रंग देते हुए नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। एक ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा, हार से घबराए और बौखलाहट में भागलपुर में दंगा करवाया गया। अररिया, दरभंगा के बाद अब भागलपुर।'












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