'हमारे PM ने टेक्नोलॉजी का लोकतंत्रीकरण किया...', डेटा प्रोटेक्शन एक्ट पर क्या बोले मंत्री अश्विनी वैष्णव
Data Protection Act: लंबे समय से प्रतीक्षित डेटा संरक्षण कानून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है और केंद्र सरकार ने इसे अधिसूचित भी कर दिया है। अब जब कानून बन गया है तो हर किसी के मन में इसको लेकर कई सवाल हैं।
इस कानून के आने के बाद हर कोई ये जानना चाहता है कि डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के नियम क्या होंगे, ये नियम कब तक आने वाले हैं, इन नियमों से जनता कितनी सेफ होगी... और इस कानून को लाने के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन क्या है...। इन सारे सवालों का जवाब केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिए हैं।

हिन्दुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि डेटा प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर नियम बनाने का काम बराबर चल रहा है। नियम भी बहुत स्पष्ट भाषा में होंगे, चुस्त होंगे और तकनीक के साथ बदलने की क्षमता वाले होंगे। ये नियम उतने ही सीधे और सरल होंगे जितना कानून है।
पीएम मोदी के विजन के बारे में बात करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा, ''हमारे प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) को सबसे गरीब व्यक्ति और दूर-दराज के क्षेत्रों तक ले जाकर लोकतंत्रीकरण किया है, जहां निचले स्तर के लोगों को डिजिटल सेवाएं दी जा रही हैं। कानून और नियमों की रूपरेखा का कार्यान्वयन उसी सिद्धांत का पालन करेगा।''
उन्होंने आगे कहा, आपको अगले कुछ महीनों के भीतर संसद में नियम देखने को मिलेगा। डिजिटल-बाय-डिजाइन कार्यान्वयन संरचना और स्वतंत्र डेटा संरक्षण बोर्ड की स्थापना पर भी काम चल रहा है। आने वाले कुछ महीनों में आप कार्यान्वयन पर काफी गतिविधियां देखेंगे।
बोर्ड के चयन के बारे में क्या बोले अश्विनी वैष्णव
बोर्ड के चयन के बारे में बात करते हुए मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ''अगर आप प्रावधानों को देखें, तो वे बोर्ड को बहुत स्वतंत्र बनाते हैं। मैं आपको एक उदाहरण दे रहा हूं, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण, कई लोग कहते हैं कि यह पूर्णतः स्वतंत्र निकाय है। इसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है, लेकिन इसके नियम और शर्तें, और इसे जो कुछ भी करना होता है वह कानून में ही स्पष्ट रूप से लिखा होता है। ये दोनों डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड के मामले में भी स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट हैं।''
अश्विनी वैष्णव ने कहा, ''बोर्ड में अधिकतर ऐसे लोग होंगे जो डिजिटल अर्थव्यवस्था को समझते हैं और डिजिटल अर्थव्यवस्था की बारीकियों को समझते हैं। इस बोर्ड में इसी प्रकार के लोगों का चयन किया जाएगा।''












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