1810 करोड़ के लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, भारत-इजरायल के बीच समझौतों को भी स्वीकृति
लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, भारत-इजरायल के बीच समझौतों को भी स्वीकृति
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज (बुधवार) केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुए बैठक में सतलुज नदी पर लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इस प्रोजेक्ट की लागत 1810 करोड़ होगी और इससे हर साल 775 करोड़ यूनिट बिजली मिलेगी। वहीं भारत के इजरायल और इंग्लैंड के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर समझौते को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
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केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बैठक के बाद बताया है कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में हिमाचल में लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट करने का निर्णय लिया गया। 210 मोगावाट बिजली का ये प्रोजेक्ट 1810 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा। इससे 775 करोड़ यूनिट बिजली हर साल मिलेगी। इससे करीब 2000 लोगों को अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। हिमाचल को 1140 करोड़ रुपए की बिजली मुफ्त मिलेगी।
जावड़ेकर ने बताया कि भारत का इजरायल के साथ हेल्थ और मेडिसिन, इंग्लैंड के साथ स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल प्रोडक्ट रेगुलेशन व टेलिकॉम्युनिकेशन और स्पेन के साथ एस्ट्रोनॉमी में वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग के संबंध में समझौता हुआ। इसे भी कैबिनेट से स्वीकृति मिली है।
प्रकाश जावडेकर ने ये कहा कि बैठक में इकॉनमी पर भी चर्चा हुई। अर्थव्यस्था के पटरी पर लौटने के अनेक संकेत मिल रहे हैं। बिजली की मांग 12 फीसदी बढ़ी है। जावड़ेकर ने कहा कि अच्छी बारिश के कारण खेती क्षेत्र में बिजली की कम मांग रही, इसके बावजूद बिजली की कुल मांग में 12 फीसदी का इजाफा हुआ। उद्योगों में बिजली की डिमांड बढ़ना अच्छा संकेत है। पिछले साल अक्टूबर से ज्यादा जीएसटी कलेक्शन हुआ है। अक्टूबर में जीएसटी संग्रह 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपए रहा। उत्पादन के लिए इनपुट की खरीद भी बढ़ी है। स्टील का उत्पादन और निर्यात बढ़ा है।












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