Umar Khalid Sharjeel Imam Bail: उमर-शरजील की बेल याचिका SC ने ठुकराई, फैसले के पीछे दिए ये तर्क
Umar Khalid Sharjeel Imam Bail: दिल्ली दंगा (Delhi Riots 2020) मामले में 7 आरोपियों में से 5 को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी है। हालांकि, जेएनयू के पूर्व छात्रों उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं दी गई है। कोर्ट में इन दोनों के वकील ने दलील दी थी कि सभी आरोपी पांच साल से ज्यादा वक्त से जेल में हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया और कहा कि अभी तक इस दंगे से प्रभावित कई आई विटनेस (प्रत्यक्षदर्शियों) की गवाही नहीं हुई है। ऐसे में बेल नहीं दी जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों आरोपियों को जमानत देने से इनकार देते हुए अहम निर्देश दिया है। दो जजों की बेंच ने कहा कि जब तक लंबित कार्रवाई पूरी नहीं होती है, तब तक दोनों जमानत के लिए आवेदन भी नहीं कर सकते हैं। दिल्ली पुलिस और निचली अदालत को निर्देश दिया गया है कि अगले एक साल में लंबित गवाही और संरक्षित गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

Umar Khalid Sharjeel Imam Bail: 2026 जेल में बीतेगी JNU के पूर्व छात्रों की
- सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि उमर खालिद और शरजील इमाम को तब तक बेल नहीं मिल सकती है जब तक कि संरक्षित गवाहों और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही पूरी नहीं हो जाती है।
- सर्वोच्च अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि अगले एक साल में यह गवाही की कार्रवाई पूरी होनी चाहिए। इसके बाद दोनों मुख्य आरोपी बेल के लिए आवेदन दे सकते हैं। इससे स्पष्ट हो गया है कि 2026 में अब दोनों का बाहर आना मुश्किल है।
- कोर्ट ने इस दौरान यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ट्रायल कोर्ट या निचली अदालत में एक साल बाद जब बेल की याचिका दाखिल की जाएगी, तो उस वक्त केस के मेरिट के आधार पर फैसला होना चाहिए।
- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगे को आतंकवाद का कृत्य मानते हुए कहा कि अन्य 5 आरोपियों को सशर्त जमानत दी जा सकती है। मुख्य दो आरोपियों के अपराध की गंभीरता कहीं ज्यादा है। अपराध का स्तर समान नहीं है। इनको सिर्फ लंबे समय से जेल में रहने के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती।
- कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि स्वतंत्रता का अधिकार और जीने का अधिकार कानूनी बाध्यताओं से ऊपर नहीं है। दोनों आरोपियों का ऐसे वक्त में बाहर आना उचित नहीं माना जा सकता है।
5 आरोपियों को किन शर्तों पर मिली जमानत?
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अन्य 5 आरोपियों को जेल में लंबे समय से रहने के आधार पर जमानत दी है। जमानत की शर्तें निचली कोर्ट से तय की जाएंगी, जिसकी डिटेल कॉपी अभी आनी बाकी है। हालांकि, कोर्ट ने इतना स्पष्ट किया है कि इन पांचों आरोपियों की भूमिका उमर और शरजील से अलग थी। दिल्ली पुलिस ने शरजील और उमर को इस दंगे का मुख्य मास्टरमाइंड करार दिया है। साथ ही दोनों के भड़काऊ भाषणों की क्लिप भी पहले की सुनवाई में कोर्ट में चलाई गई थी। गुलफिशा फातिमा, मीरन हैदर, शिफा उर्फ रहमान, शहदाब अहमद और मोहम्मद सलीम को इस मामले में जमानत मिली है।












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