तो आयेगा ऊंठ पहाड़ के नीचे, भाजपा संग मिलकर काम करेंगे उद्धव ठाकरे
नई दिल्ली। इसे कहते हैं ऊंठ पहाड़ के नीचे आ गया। जी हां यहां पर ऊंठ से हमारा तात्पर्य शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे से ही है। दरअसल महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के चुनाव के एक्जिट पोल में भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में दिखाए जाने के साथ ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का भाजपा को लेकर रवैया बदलने लगा है। भाजपा को लेकर वे अब कुछ इस तरह से बोल रहे हैं मानो कि हाल के दौर में कुछ हुआ ही न हो।

शिव सेना के मुखपत्र सामना में छपे एक लेख में ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में स्थिरता और शांति की आवश्यकता है। अब उन्हें न तो विवाद चाहिए और न ही कटुता। यानी वे भाजपा के साथ संबंध मधुर चाहते हैं।
हालांकि उन्होंने एग्जिट पोल के नतीजों को खारिज भी कर दिया। उन्होंने कहा कि यह तो लोगों को मूर्ख बनाने का धंधा है। महाराष्ट्र वैसे तो प्रज्वलित नहीं होता, लेकिन अगर एक बार वह भभक उठा तो फिर बुझता नहीं। उन्हें उम्मीद है कि महाराष्ट्र को एक दृढ़ और विकासशाली सरकार प्राप्त होगी। 19 तारीख को महाराष्ट्र राज्य में भगवा की विजय की शंख ध्वनि होगी और आंकड़े देने वाले सटोरिए कंगाल होकर सड़कों पर भिखारियों की तरह घूमेंगे। महाराष्ट्र मामलों के जानकार कहते हैं कि ठाकरे के इस बयान से साफ है कि वे नतीजों के बाद भाजपा के साथ तालमेल के लिए तैयार हो जाएंगे।












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