अयोध्या से नहीं मिला न्योता तो 22 को अब इस 'राम मंदिर' में जाएंगे उद्धव ठाकरे, कहा- 'राम सबके हैं...'
Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के लिए कोई निमंत्रण नहीं मिला है। जिसके बाद उद्धव ठाकरे ने कहा है कि वह अयोध्या के राम मंदिर के उद्घाटन वाले दन 22 जनवरी को नासिक के कालाराम मंदिर जाएंगे।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि, वह नासिक में गोदावरी के तट पर महा आरती करेंगे और कालाराम मंदिर का दौरा करेंगे। ये वही पंचवटी है, जहां भगवान राम अपने वनवास के दौरान रहे थे।

उद्धव ठाकरे का कहना है, ''बाला साहेब ठाकरे की जयंती 23 जनवरी को है, लेकिन 22 तारीख को राम मंदिर का अभिषेक समारोह होगा। इसलिए उस दिन (22 जनवरी) हम कालाराम मंदिर जाएंगे, जहां हम गोदावरी नदी के तट पर महा आरती का आयोजन करेंगे।''
Mumbai: Former Maharashtra CM Uddhav Thackeray says "Balasaheb Thackerays birth anniversary is on 23rd January but on 22nd, the consecration ceremony of the Ram Temple will take place. On that day (January 22), we will visit the Kalaram temple, where we will hold a maha aarti on… pic.twitter.com/gR7UUGUKsD
— ANI (@ANI) January 6, 2024
शनिवार (06 जनवरी) को शिवाजी पार्क में अपनी मां मीनाताई ठाकरे को श्रद्धांजलि देने के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा, ''यह खुशी का क्षण है क्योंकि 25-30 वर्षों के संघर्ष के बाद 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन किया जा रहा है... उसी दिन, हम नासिक के कालाराम मंदिर में भगवान राम के दर्शन करेंगे। यह वही मंदिर है जिसमें डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर और साने गुरुजी को (दलितों को) प्रवेश की अनुमति देने के लिए संघर्ष करना पड़ा था..राम सबके हैं।''
संजय राउत ने भाजपा पर कसा तंज
राम मंदिर उद्घाटन समारोह में उद्धव को आमंत्रित नहीं किए जाने से पहले ही सेना (यूबीटी) और भाजपा नेताओं के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है। सेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा था कि भाजपा ने राम मंदिर उद्घाटन के लिए उद्धव ठाकरे को उन्ही कारणों की वजह से आमंत्रित नहीं किया है, जिन कारणों से उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को आमंत्रित नहीं किया है।
संजय राउत ने कहा कि जिन लोगों ने राम मंदिर संघर्ष में योगदान दिया था, उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया लेकिन जिनका राम मंदिर संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं है, वे जश्न मना रहे हैं और यह उनका कार्यक्रम है।












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