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शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन बोले, 'राम मंदिर का विरोध करने वाले मुस्लिम पाकिस्तान चले जाएं'

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    लखनऊ। विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले शिया सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी एक बार फिर से चर्चा में हैं। शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे वसीम रिजवी ने विवादित परिसर में विराजमान रामलला के दर्शन किए। पत्रकारों से बात करते हुए रिजवी ने कहा कि, एक सेकुलर मुसलमान कभी भगवान राम के खिलाफ नहीं बोलते, कुछ कट्टरपंथी मुसलमान और मौलवी हैं, जो देश की एकता को तोड़ना चाहते हैं। रिजवी ने शुक्रवार को अयोध्या में विवादित जमीन के पास नमाज़ पढ़ी और राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास से मुलाकात की।

     Waseem Rizvi

    रिजवी ने कहा कि राम मंदिर के मामले में मैने अपनी बात किसी मुल्ला या बोर्ड के सामने नहीं रखी है। सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी है। उन्होंने कहा कि मेरे पक्ष को सुनकर यहां के तथ्य पर सुप्रीम कोर्ट को फैसला लेना है। रिजवी ने कहा कि जिस स्थान पर रामलला विराजमान हैं, वहां पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, इसकी खिलाफत कोई नहीं कर रहा।

    इस दौरान रिजवी ने कहा कि भारत में जिहाद का सपना देखने वालों को जिन्ना के साथ ही पाकिस्तान या बांग्लादेश चले जाना चाहिए था। लेकिन वह नहीं गए और आज के दौर में यही लोग भारत को खंडित करना चाहते हैं। ये जेहाद के नाम पर फसाद करना चाहते हैं, ऐसे लोगों की देश में कोई जगह नहीं है।

    रिजवी के बयान पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने विरोध जताया है। आजम खान ने कहा कि, भेजना है तो उन देशों में क्यों भेजते हो जहां रोटी नहीं है। देश के बादशाह ऐसा चाहते हैं तो यूरोप भेजें, अमेरिका के तानाशाह से भी उनकी अच्छी दोस्ती है। पर टोटल माइग्रेंट होने चाहिए।

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    English summary
    U.P. Shia Waqf board chief says Muslims protesting Ram Mandir must go to Pakistan or Bangladesh,

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