लीबिया में बंधक बनाए गए दोनों भारतीयों की सुरक्षित रिहाई
नई दिल्ली। लीबिया में बंधक बनाए गए दो भारतीयों की सुरक्षित रिहाई हो गई है। केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस खबर की पुष्टि अपने ट्विटर हैंडल से की है। 29 जुलाई 2015 को कर्नाटक और तेलंगाना के चार भारतीयों को बंधक बनाया गया था। माना गया कि आईएसआईएस से जुड़े एक संगठन ने इन चारों भारतीयों का अपहरण किया था।

सुषमा ने ट्विटर पर दी जानकारी
सुषमा ने जानकारी दी कि उन्हें यह बताते हुए काफी खुशी हो रही है कि टी गोपालकृष्ण और सी बलराम कृष्ण को रिहा करा लिया गया है। जिन चार भारतीयों को बंधक बनाया गया था वे उत्तरी लीबिया के सिर्ते में स्थित एक यूनिवर्सिटी के साथ काम करते थे।
जिस दिन उनका अपहरण हुआ उस दिन चारों एयरपोर्ट पहुंचकर भारत जाने की योजनाओं में लगे हुए थे। गोपालकृष्ण तेलंगाना के तो बलराम कृष्ण आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं।
परिवार ने छोड़ दी थीं उम्मीदें
जिन चार लोगों का अपहरण हुआ था उनमें गोपालकृष्ण और बलराम कृष्ण के अलावा लक्ष्मीकांत और विजय कुमार भी थे। लक्ष्मीकांत और विजय कुमार को बंदी बनाए जाने के सिर्फ चार दिनों के अंदर ही रिहा करा लिया गया था।
गोपाल कृष्ण और बलराम कृष्ण आतंकियों के कब्जे में ही थे। दोनों के परिवार वालों ने सारी उम्मीदें छोड़ दी थीं। लेकिन विदेश मंत्रालय की ओर से भरोसा दिलाया गया कि दोनों को सुरक्षित देश वापस लाया जाएगा।
शर्तों की कोई जानकारी नहीं
अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि दोनों को किन शर्त पर रिहा किया गया है। विदेश मंत्रालय लगातार लीबिया के संपर्क में था और आखिरकार दोनों की रिहाई संभव हुई।












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