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India-China tension: पैंगोंग झील पर दो जगह हुई थी फायरिंग, दक्षिणी छोर पर सेना अलर्ट

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नई दिल्‍ली। भारत और चीन के पूर्वी लद्दाख स्थित पैंगोंग त्सो के दक्षिणी किनारे पर 29 और 30 अगस्‍त से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। 30 अगस्‍त को पीपुल्‍स‍ लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) ने यहां पर यथास्थिति में बदलाव की कोशिशें की थीं। भारतीय सेना ने चीन के इस प्रयास को विफल कर दिया था। अब अधिकारियों की मानें तो 30 अगस्‍त को भारत और चीन के जवानों के बीच हुए टकराव के दौरान फायरिंग भी हुई थी। द हिंदु ने अधिकारियों के हवाले से जानकारी दी है कि पैंगोंग त्‍सो के दक्षिणी हिस्‍से में दो जगहों पर फायरिंग हुई थी।

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    30 अगस्‍त को दो जगह चली गोली

    अखबार ने एक वरिष्‍ठ भारतीय अधिकारी के हवाले से लिखा है कि सिर्फ सात सितंबर को ही फायरिंग नहीं हुई है बल्कि एक हफ्ते पहले भी फायरिंग की घटना हुई थी। पहली बार 30 अगस्‍त को उसी इलाके में फायरिंग हुई थी जहां से सोमवार यानी सात सितंबर को गोली चलने की घटना की खबर आई है। हालांकि इस बात की कोई भी सूचना नहीं है कि फायरिंग कैसे शुरू हुई थी। भारत और चीन के बीच सन् 1975 के बाद लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर फायरिंग की घटना हुई है। पीएलए की वेस्‍टर्न कमांड की तरफ से भारतीय जवानों पर फायरिंग का आरोप लगाया गया था। इसके बाद चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स ने भी आरोपों को दोहराया। सेना की तरफ से आठ सितंबर को फायरिंग की घटना पर पहला आधिकारिक बयान जारी किया गया।

    भारतीय सेना बोली-चीन भड़काने में लगा

    सेना ने अपने बयान में कहा, 'सात सितंबर को चीन के पीपुल्‍स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) जवानों की तरफ से एलएसी के इस तरफ हमारी फॉरवर्ड पोजिशन के करीब आने की कोशिश की गई और जब हमारे जवानों ने रोका तो पीएलए की तरफ से हवाई फायरिंग हुई जिसका मकसद हमारे जवानों को डराना था।' सेना ने अपने बयान में आगे कहा है, 'भारत, एलएसी पर डिसइंगेजमेंट और डि-एस्‍कलेशन स्थिति को लेकर प्रतिबद्ध है, चीन स्थिति को भड़काने की कोशिशें कर रहा है।' सेना ने आगे कहा, 'किसी भी स्थिति में इंडियन आर्मी ने एलएसी पार नहीं की और न ही फायरिंग समेत किसी और प्रकार के आक्रामक कदम उठाया है।' सेना ने अपने बयान में स्‍पष्‍ट कर दिया कि भड़काने के बाद भी जवानों ने संयम रखा और एक परिपक्‍व बर्ताव का प्रदर्शन पूरी जिम्‍मेदारी के साथ किया। सेना, शांति और स्थिरता को बनाए रखने के पक्षधर है लेकिन राष्‍ट्रीय अखंडता और संप्रभुता को हर कीमत पर सुरक्षित रखने के लिए भी दृढ़ निश्चित हैं।

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    English summary
    Two firing incidents of firing at South bank of Pangong Tso on September 7.
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