लद्दाख को चीन में दिखाने पर ट्विटर के जवाब से संतुष्ट नहीं संसदीय समिति, कहा- सफाई अपर्याप्त
चीन में दिखाने पर Twitter ने दी सफाई, सांसदों की समिति ने कहा- जवाब अपर्याप्त
नई दिल्ली। लद्दाख को चीन का हिस्सा दिखाने को लेकर माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर की ओर से दिए गए जवाब को संसदीय समिति ने नाकाफी बताते हुए फिर से जवाब मांगा है। समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी ने बुधवार को कहा कि ट्विटर के प्रतिनिधि डाटा सुरक्षा विधेयक, 2019 पर संसद की संयुक्त समिति के सामने पेश हुए और लद्दाख को चीन के भूभाग के तौर पर दिखाने के लिए सदस्यों ने उनसे सवाल पूछे। समिति की सर्वसम्मत राय है कि लद्दाख को चीन के भूभाग के तौर पर दिखाने के संबंध में ट्विटर का स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं है।
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लेखी ने कहा, यह केवल संवेदनशीलता का मामला नहीं है, यह भारत की संप्रभुता और अखंडता का मामला है, लद्दाख को चीनी भाग के तौर पर दिखाना आपराधिक कृत्य के समान है जिसके लिए सात जेल की सजा का प्रावधान है। ट्विटर इंडिया की ओर से समिति के सामने वरिष्ठ अधिकारी पेश हुए।
ट्विटर ने 18 अक्टूबर को अपने प्लेटफॉर्म पर लेह-लद्दाख की जियो टैग लोकेशन को जम्मू-कश्मीर, चीन में दिखाया था। जिसके बाद केंद्र सरकार के आईटी सचिव अजय साहनी ने ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी को इस मामले में कड़ी चेतावनी के साथ चिट्ठी लिखी थी। आईटी सचिव अजय साहनी ने ट्विटर के सीईओ जैक डोरसी को इस मामले में भारत के नक्शे को गलत तरीके से दिखने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए लिखा था कि इस तरह के प्रयासों से ट्विटर की निष्पक्षता और कामकाज पर भी सवाल उठते हैं, उसकी साख भी गिरती है। उन्होंने कहा कि ट्विटर को भारतीय नागरिकों की संवेदनशीलता का सम्मान करना चाहिए। ट्विटर की ओर से भारत की संप्रभुता और अखंडता का अनादर करने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
इस चिट्ठी के बाद ट्विटर की ओर से कहा गया था कि हम भारत सरकार के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। चिट्ठी में जो चिंताएं हैं, उनको हम सझते हैं और उनका सम्मान करते हैं। हम मामले की संवेदनशीलता को भी समझते हैं।












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