Tripura Election Result: करारी मात के बावजूद CPIM को कांग्रेस से गठबंधन का अफसोस नहीं! जानिए वजह
त्रिपुरा के चुनाव नतीजे भाजपा के लिए कमाल के रहे। सत्ता विरोधी लहर को शांत करते हुए भाजपा ने कांग्रेस और सीपीआईएम गठबंधन को मात दे दी। सवाल कांग्रेस और लेफ्ट के गठबंधन पर हैं, लेकिन CPIM को इसका कोई अफसोस नहीं है।

Tripura Election Result: पूर्वोत्तर भारत के तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव नतीजों का ऐलान हो चुका है। त्रिपुरा में बीजेपी को बहुमत मिला है। 'कांग्रेस का सूपड़ा साफ' जैसी सुर्खियां भी सामने आईं, क्योंकि तीनों राज्यों में 180 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस ओवरऑल भी डबल डिजिट में नहीं आ सकी। अब कांग्रेस के साथ गठबंधन करने वाले सीपीआईएम नेता एमवी गोविंदन ने गठबंधन के फैसले पर बयान दिया है। त्रिपुरा चुनाव परिणाम पर माकपा नेता एमवी गोविंदन ने कहा कि जीत या हार किसी भी गठबंधन के फैसले को प्रभावित नहीं करती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन करना गलत फैसला नहीं था।
गठबंधन करने का फैसला सही
माकपा के राज्य सचिव एमवी गोविंदन के अनुसार, त्रिपुरा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ किया गया गठबंधन सही था क्योंकि यह भाजपा विरोधी समझ पर आधारित था। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव एमवी गोविंदन मास्टर ने कहा कि चाहे कांग्रेस-सीपीआई (एम) गठबंधन विफल हो या त्रिपुरा में जीता हो, गठबंधन करने का फैसला सही था। उन्होंने नतीजों के बीच पलक्कड़ में अपनी जन प्रतिरोध यात्रा निकासी। इसी दौरान उन्होंने गठबंधन करने के फैसले पर बयान दिया।
मकसद- भाजपा विरोधी वोटों को एकजुट करना
मीडिया को संबोधित करते हुए सीपीआईएम सचिव एमवी गोविंदन ने कहा, "कांग्रेस अकेले भाजपा से लड़ने में सक्षम नहीं है। माकपा और कांग्रेस त्रिपुरा में लोकतांत्रिक तरीके से काम करने में सक्षम नहीं थे।" उन्होंने कहा कि पिछली बार कांग्रेस का वोट शेयर कम था, लेकिन कांग्रेस के साथ किया गया गठबंधन सही फैसला था क्योंकि यह फैसला भाजपा विरोधी वोटों को एकजुट करने के मकसद से लिया गया।
पांच साल पहले कांग्रेस को कितने वोट मिले
त्रिपुरा चुनाव के नतीजों पर इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार माकसा सचिव एमव गोविंदन ने कहा कि गठबंधन सही है। चुनाव में जीत हो या हार, इससे फर्क नहीं पड़ता। यह सही गठबंधन है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में 2018 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव नतीजों का आंकड़ा भी शेयर किया। गोविंदन ने कहा कि पिछली बार कांग्रेस को महज 1.6 फीसदी वोट शेयर मिला, लेकिन हमने जो स्टैंड लिया, उसे देखिए। यहां सबसे बड़ी दुश्मन बीजेपी है।
BJP के किस फैसले के कारण हुआ गठबंधन
उन्होंने आरोप लगाया कि त्रिपुरा की भाजपा सरकार न केवल हमारे लिए बल्कि कांग्रेस के लिए भी लोकतांत्रिक आयोजनों की अनुमति नहीं दे रही थी। उस समय, हमने वोट शेयर के बारे में नहीं सोचा। प्रोडक्टिव तरीके से एक साथ आगे बढ़ने के बारे में सोचा और कांग्रेस और सीपीआईएम का गठबंधन सामने आया।
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वर्तमान राजनीति के मद्देनजर गठबंधन सही फैसला
माकपा नेता गोविंदन ने कहा, यह कम से कम लोकतांत्रिक प्रथाओं को संभव बनाने के लिए भाजपा विरोधी समझ के बारे में था। यह कोई राजनीतिक समझ नहीं थी, और वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य के मद्देनजर यह सही फैसला था।












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