Tripura Election: पिछले 10 चुनावों के आंकड़ों से समझिए, त्रिपुरा में वाम दलों का कैसे हुआ पतन?
Tripura Election 2023 Result: भाजपा 35 सीटों पर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) 13, टिपरा मोथा पार्टी 12 सीटों पर आगे चल रही है।

त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के परिणाम लगभग साफ हो चुके हैं। त्रिपुरा में तेजी से सियासी गणित बदलता दिख रहा है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी त्रिपुरा में दोबारा सत्ता में लौटती नजर आ रही है। हालांकि शुरुआती रुझानों में बीजेपी 40 सीटों पर आगे दिख रही थी लेकिन अब तक आए रुझानों में बीजेपी 33 सीटों पर आगे है। त्रिपुरा की कुल 60 विधानसभा सीटों में से बहुमत के लिए 31 सीट चाहिए। जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (एम) (सीपीआईएम, लेफ्ट वामदल) 15 और टिपरा मोथा पार्टी 12 सीटों पर आगे चल रही है।
एक्सपर्ट की मानें तो बीजेपी गठबंधन सरकार त्रिपुरा में बनाता दिख रहा है। वहीं लेफ्ट का प्रदर्शन तो अच्छा है लेकिन वह सत्ता पर काबिज होने से काफी दूर है। लेफ्ट ने फिलहाल 4 सीटें जीतीं हैं और 11 पर आगे चल रही है। त्रिपुरा में वाम दलों का पतन होता साफ दिख रहा है।
त्रिपुरा में वाम दलों का पतन
सीपीआईएम की 2013 के बाद से ही त्रिपुरा के वोटर्स पर पकड़ ढीली हो गई थी। 2003 में वोटशेयर 48 फीसदी से गिरकर 42 फीसदी हो गया और 2023 में यह घटकर 18 प्रतिशत रह गया है।
ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने वोटशेयर में 0.56% से 2% की वृद्धि दर्ज की है लेकिन किसी भी सीट पर कब्जा करने में विफल रही है। कांग्रेस पार्टी से गठबंधन के बाद भी वाम दल इस चुनाव में अपनी सफलता की कहानी बनाने में असफल रहे हैं।
पिछले 10 सालों में त्रिपुरा में वाम दलों का कैसा रहा प्रदर्शन
1. 1967 के चुनाव में-2 सीटें (गठबंधन CPIM+CPI)
2. 1972 के चुनाव में-16 सीटें (गठबंधन CPIM+CPI)
3.1977 के चुनाव में-51 सीटें (गठबंधन CPIM+RSP+AIFB)
4. 1983 के चुनाव में-37 सीटें (गठबंधन CPIM+RSP)
5. 1988 के चुनाव में-26 सीटें (गठबंधन CPIM+RSP)
6. 1993 के चुनाव में-44 सीटें (गठबंधन CPIM+RSP+AIFB)
7.1998 के चुनाव में-38 सीटें (गठबंधन CPIM+RSP+CPI)
8. 2003 के चुनाव में-38 सीटें (गठबंधन CPIM+RSP+CPI)
9.2008 के चुनाव में-46 सीटें (गठबंधन CPIM+RSP+CPI)
10. 2013 के चुनाव में-49 सीटें (गठबंधन CPIM+CPI)
11.2018 के चुनाव में-16 सीटें ( CPIM)
त्रिपुरा विधानसभा की कुल 60 सीटों पर चुनाव 16 फरवरी को हुए थे। 60 विधानसभा सीटों पर कुल 259 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। बीजेपी ने आईपीएफटी ने मिलकर चुनाव लड़ा है। वहीं कांग्रेस और लेफ्ट ने गठबंध किया था।
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