दिल्ली गैंगरेप पीडि़ता निर्भया को समर्पित वुमेन पिस्टल 'निर्भीक' लांच

कानपुर आर्डिनेन्स फैक्ट्री ने मंगलवार को निर्भीक रिवॉल्वर लांच किया। लॉन्चिंग के बाद सबसे पहले तीन रिवॉल्वर महिलाओं को दी गई और बाकी सात रिवॉल्वर पुरुषों को दी गई है। निर्भया गैंग रेप केस के बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई इस हल्की रिवॉल्वर को सादे समारोह में आयुध निर्माणी बोर्ड के चेयरमैन एमसी बंसल ने सबसे पहले लखनऊ की गीता यादव, बाराबंकी की कल्पना पांडे और दिल्ली की गीता खरबंदा को दिया। इसके साथ ही सात 'निर्भीक' रिवॉल्वर पुरुषों को दी गई।
टाइटेनियम एलॉय से बनी प्वाइंट 32 बोर की लाइटवेट रिवॉल्वर 'निर्भीक' कानपुर में बनी है। गन फैक्ट्री के जनरल मैनेजर अब्दुल हमीद ने बताया कि देश के साथ विदेशों से मिल रही तारीफ से हम काफी उत्साहित है. अभी तक देश से फैक्ट्री को इस रिवॉल्वर के तीन दर्जन से ज्यादा ऑर्डर मिल चुके हैं, जिन्हें अब नियमित रूप से बुकिंग के आधार पर दिया जाएगा।
निर्भीक रिवॉल्वर की खूबी
सामान्य रिवॉल्वर के मुकाबले निर्भीक का वजन सिर्फ 500 ग्राम है, जबकि आम रिवॉल्वर कम से कम 750 ग्राम की होती है। यह रिवॉल्वर एक बार में छह फायर कर सकती है। गन फैक्ट्री के जीएम के मुताबिक, किसी भी हथियार को डिवेलप करने में 2-3 साल का वक्त लगता है, लेकिन निर्भीक को तैयार करने में सिर्फ 1 साल लगा। टेस्टिंग रिवॉल्वर से 500-600 राउंड फायर कर इसकी क्षमता परखी गई। जल्दबाजी में किसी गड़बड़ी से बचने के लिए इसका एक-एक पार्ट बारीकी से जांचा गया। इसके पीछे बेटियों की चिंता अहम थी। .32 बोर की रिवॉल्वर की कीमत 1.22 लाख रुपये है।
लाइसेंस है बेहद जरूरी
जीएम अब्दुल हमीद के अनुसार, अभी तक तीन दर्जन से अधिक लोगों ने इसकी बुकिंग कराई थी, जिसमें से 10 लोगों को यह रिवॉल्वर दी गई। निर्भीक रिवॉल्वर सिर्फ उन लोगों को ही दी जाएगी, जिनके पास हथियार के लाइसेंस हैं। आवेदन के समय ही फैक्ट्री प्रशासन लाइसेंस चेक कर रहा है। हमीद ने बताया कि इस रिवॉल्वर के बारे में जानकारी मांगी जा रही है, जिसमें ज्यादातर महिलाएं ही इसके बारे में पूछताछ कर रही हैं। जिन महिलाओं ने पहले निर्भीक की बुकिंग कराई है, उन्हें पहले दिया जाएगा।












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