Amritsar Train Accident: चश्मदीदों ने कहा- जब लोग मर रहे हों तो ट्रेन पर पत्थर कैसे फेंका जा सकता है, झूठा है ड्राइवर
अमृतसर। पूरे देश को हिलाकर रख देने वाले अमृतसर रेल हादसे की जिम्मेदार ट्रेन के ड्राइवर के दावों को चश्मदीदों ने कोरा झूठ करार दिया है। हादसे के वक्त मौके पर मौजूद रहे शैलेंद्र सिंह शैली ने मीडिया में बयान दिया है कि ट्रेन ड्राइवर अरविंद कुमार का सारा बयान झूठा है, ट्रेन के रुकने की बात तो दूर, उसकी रफ्तार भी धीमी नहीं हुई थी। बता दें कि शैलेंद्र शैली अमृतसर के वार्ड नंबर 46 के नगर निगम पार्षद हैं।

चश्मदीदों ने ट्रेन के ड्राइवर को झूठा करार दिया
शैली ने कहा, ऐसा लग रहा था कि ड्राइवर हमें कुचलना चाहता था, ट्रेन वहां से चंद सेकंडों में गुजर गई। क्या यह संभव है कि जब आसपास इतने सारे लोग मर रहे हों या घायल हों तो हम ट्रेन पर पत्थर फेंकेंगे। क्या इतने दर्दनाक हादसे के दौरान तेजी से गुजर रही ट्रेन पर पत्थर फेंकना संभव है, आप खुद ही अंदाजा लगाइए कि ड्राइवर किस हद तक झूठ बोल रहा है।

अचानक लोगों ने पथराव शुरू कर दिया: ड्राइवर
आपको बता दें कि हादसे के दो दिन बाद पहली बार ट्रेन के ड्राइवर आनंद ने अपना लिखित बयान दिया है, उसने उस दिन ट्रेन का चार्ज लेने से लेकर हादसे के बाद का पूरा घटनाक्रम बताया है, उन्होंने यह भी बताया कि हादसे के बाद उनकी ट्रेन रूकने की स्थिति में आ गई थी, लेकिन अचानक लोगों ने पथराव शुरू कर दिया, ऐसे में ट्रेन में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्राइवर ने वहां ट्रेन नहीं रोकी।

लोगों को पच नहीं रही है ड्राइवर की बात
ड्राइवर ने अपने बयान में भीड़ को देखने के बाद इमरजेंसी ब्रेक लगाने की बात कही थी। उसका कहना था कि इमरजेंसी ब्रेक के बावजूद कुछ लोगों के ट्रेन के सामने आ जाने के कारण हादसा हो गया। उसने यह भी कहा था कि लोगों को ट्रैक से हटाने के लिए उसने लगातार हॉर्न दिया। शैली की तरह तमाम चश्मदीदों ने ड्राइवर के बयान को झू़ठा बोला है।

ड्राइवर के बयान पर सवालिया निशान
और तो और ड्राइवर के बयान पर सवालिया निशान खुद पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने लगाए है, जिनकी पत्नी नवजोत कौर खुद इस हादसे के कारण विरोधियों के निशाने पर हैं। सिद्धू ने कहा कि आखिर कैसे रेलवे ने एक दिन के भीतर ट्रेन ड्राइवर को क्लीन चिट दे दी, जिसने दशहरा देख रहे 60 लोगों पर ट्रेन चढ़ा दी। मालूम हो कि रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने इस हादसे के लिए रेलवे की किसी भी तरह की गलती होने से इनकार किया है।

60 लोगों की मौत
मालूम हो कि अमृतसर के निकट शुक्रवार शाम ( दशहरा) अमृतसर के चौड़ा बाजार स्थित जोड़ा फाटक के रेलवे ट्रैक पर लोग मौजूद थे, पटरियों से महज 200 फुट की दूरी पर पुतला जलाया जा रहा था, इसी दौरान जालंधर से अमृतसर जा रही डीएमयू ट्रेन वहां से गुजरी और ट्रैक पर मौजूद लोगों को कुचल दिया, इस हादसे में 60 लोगों की मौत हुई है, जबकि 72 लोग घायल हैं, हादसे के वक्त ट्रेन की रफ्तार करीब 100 किमी. प्रति घंटे थी।












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