इंटरकनेक्टिविटी पर ट्राई का सख्त आदेश, 30 दिनों के भीतर टेलिकॉम कंपनियां करे समझौता

नई दिल्ली। टेलिकॉम कंपनियों के बीच इंटरकनेक्टिविटी के विवाद को सुझाने के लिए दूरसंचार नियामक ट्राई ने सख्त कदम उठाया है। ट्राई ने इस मसले को निपटाने के लिए टेलिकॉम कंपनियों को 30 दिन का वक्त दिया है। ट्राई ने दूरसंचार इंटरकनेक्शन विनियमन-2018 जारी करते हुए कहा है कि टेलिकॉंम कंपनियां 30 दिनों के भीतर इस पर समझौता करे।ट्राई के नए आदेश के मुताबिक टेलिकॉम कंपनियों को नेटवर्क कनेक्टिविटी का आवेदन प्राप्त होने 30 दिन के भीतर बिना किसी भेदभाव के इंटरनेक्टिविटी समझाौता करना होगा।

 30 दिनों के भीतर समझौता

30 दिनों के भीतर समझौता

ट्राई ने कंपनियों को बीच हमेशा से विवाद का मुद्दा बनने वाले इंटरकनेक्टिविटी को लेकर कहा है कि कंपनियां कनेकक्टिविटी आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर इस पर समझौता करे। ट्राई ने कहा है कि कंपनियों तो नेटवर्क कनेक्टिविटी समझाौते के विविध नियमों को पालन करना होगा।

 जुर्माने का प्रावधान

जुर्माने का प्रावधान

आपको बता दें कि 1 फरवरी 2018 से नया नियम प्रभावी होगा। ट्राई का ये नया नियम भारत में दूरसंचार सेवा देने वाली सभी कंपनियों पर लागू होगा। ट्राई ने कहा है कि इस नियम का उल्लंघन करने पर कंपनियों पर प्रत्येक सेवा क्षेत्र में 1 लाख रुपए प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। आपको बता दें कि देशभर में टेलिकॉम के 22 सेवाक्षेत्र हैं।

क्या है इंटरकनेक्टिविटी

क्या है इंटरकनेक्टिविटी

आपको बता दें कि इंटरकनेक्टिविटी का मतलब एक टेलिकॉम कंपनी के नेटवर्क का कॉल दूसरे कंपनी के नेटवर्क से जुड़ने से है। ट्राई ने अब इस विवाद को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाया है और कहा है कि हर सेवा प्रदाता को किसी सेवा प्रदाता से इंटरकनेक्ट का आवेदन मिलने के 30 दिन के भीतर इसपर समझौता करना होगा।

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