COVID-19: भारत में कोरोना के 12,974 एक्टिव केस, 507 की गई जान, अब तक 2230 मरीज हुए ठीक
नई दिल्ली। कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर में हाहाकार मचा हुआ है, वैश्विक महामारी से संक्रमित लोगों की संख्या 22 लाख के पार जा चुकी है वहीं, 1.50 लाख से अधिक लोगों की जानें गई हैं। दुनिया के 200 से ज्यादा देश मिलकर कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।भारत में भी कोरोना वायरस का प्रकोप गहराता जा रहा है, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देशभर से अबतक 15,712 मामले सामने आए हैं। कुल 507 मरीजों की मौत हो चुके हैं। देश में कोरोना के 12,974 एक्टिव केसेज हैं जबकि 2230 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है।
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बता दें कि कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा महाराष्ट्र प्रभावित हुआ है, यहां संक्रमितों की संख्या 3000 के पार जा चुकी है। महाराष्ट्र में लॉकडाउन के उल्लंघन के मामले में 10729 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, 33984 वाहनों को जब्त किया गया नई दिल्ली में किसी भी प्रकार से थूकने या खुले में शौच करने वाले को 1000 रुपये जुर्माना भरना होगा। गुटखा, तंबाकू और शराब बेचने पर भी पाबंदी लगाई गई है।
प्रदेश सरकारों ने उठाया बड़ा कदम
तो वहीं कोरोना वायरस संकट के बीच कई लोग ऐसे हैं जो सर्दी, जुकाम और बुखार की दवाएं खरीद रहे हैं और उसे अपने पास एहतियात के तौर रख रहे हैं। ऐसे में कई प्रदेश सरकारों ने एक बड़ा कदम उठाया है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार और महाराष्ट्र ने तमाम मेडिकल शॉप और फार्मेसी को निर्देश दिया है कि वह उन लोगों के नाम का रिकॉर्ड रखें जो बुखार, कोल्ड और खांसी की दवा खरीद रहे हैं। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना की सरकार हर रोज इन तमाम आंकड़ों को इकट्ठा करेगी और ये दवा खरीदने वालों का कोरोना वायरस टेस्ट करेगी।
लोग टेस्ट से बचने के लिए खा रहे हैं दवाई
दरअसल इस बात की चिंता है कि इस तरह की दवाएं खाने से कोरोना वायरस के लक्षण दब जाते हैं ताकि लोग कोरोना टेस्ट से बच सके और उन्हें 14 दिन तक क्वारेंटाइन में ना रखा जाए। तेलंगाना के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां लोगों ने खुद से सर्दी, जुकाम और बुखार की दवा खाई थी और बाद में इन लोगों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था।












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