Exclusive: खुशी से भाई पंकज की आंखें हो गई नम, खीर और हलवे से पहलवान रवि दहिया के स्वागत की तैयारी

Exclusive: खीर और हलवे से पहलवान रवि दहिया के स्वागत की तैयारी

नई दिल्ली। टोक्यो ओलिंपिक 2020 में हरियाणा के सोनीपत के गांव नाहरी के लाल रवि दहिया ने कमाल कर दिया। पुरूषों के कुश्ती की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल मुकाबले में सिल्वर मेडल जीतकर देश का सिर गौरव स ऊंचा कर दिया। बहुत कम बोलने वाले रवि दहिया सोमवार देर रात भारत लौट रह हैं। सिल्वर मेडल के साथ उनके घर लौटने को लेकर खास तैयारी चल रही है। गांव और परिवारवालों ने रवि दहिया के स्वागत की खास तैयारियां की है। वनइंडिया न इस बारे में रवि दहिया के छोटे भाई, जो कि खुद भी पहलवान हैं उनसे खास बात की। पंकज ने बताया कि भाई के स्वागत की जोर-शोर से तैयारी की जा रही है।

 Tokyo Olympic 2020: Silver Medal Wrestler Ravi Dahiya will welcome with Churma and Kheer: Pankaj Dahiya

चूरमा, खीर और हलवे से होगा स्वागत

टोक्यो ओलिंपिक में देश के नाम सिल्वर मेडल जीतकर लौट रहे रवि दहिया की मां उर्मिला ने बेटे के लिए उसकी पसंद का पकवान बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पंकज न बताया कि रवि को खीर , हलवा और चूरमा बहुत पसंद है। जीतकर लौट रहे बटे के लिए मां ने इन पकवानों की तैयारियां शुरू कर दी है। परिवार में लोगों का आना-जाना शुरू हो गया है। घर की सजावट की जा रही है। गांव में रवि दहिया के स्वागत के लिए बड़े-बड़े पोस्टर-बैनर लगाए जा रहे हैं। पंकज न बताया कि रवि अपने गम पर फोकस करने के लिए पिछले एक साल से घर से दूर हैं। मां अपने बेट को गले लगाने के लिए बेताब है तो वहीं छोटा भाई अपने बड़े भाई को कंघे पर उठाने का इंतजार कर रहा है।

 Tokyo Olympic 2020: Silver Medal Wrestler Ravi Dahiya will welcome with Churma and Kheer: Pankaj Dahiya

रवि दहिया के भाई ने कहा कि परिवार और गांव वाले उनके घर की वापसी पर शानदार स्वागत की तैयारी कर रहे हैं। पंकज ने कहा कि उनका भाई अगली बार गोल्ड लेकर आएगा। घर लौटने के बाद फिर से तैयारियां शुरू होगी। भाई की जीत पर बोलते वक्त पंकज बहद भावुक हो उठे थे। उन्होंने कहा कि रवि भाई बहुत कम बोलते हैं। लोग उनकी बहुत इज्जत करते हैं। उन्होंने अब ओलंपिक में सिल्वर मडल जीतकर देश का सिर गौरव से ऊंचा कर दिया है।

कौन हैं पहलवान रवि दहिया

रवि दहिया का जन्म 1997 में हरियाणा के सोनीपत मं हुआ। पिता राकेश दहिया कसान हैं। मां उर्मिला हाउसवाइफ हैं। रवि दहिया बेहद साधारण परिवार से आत हैं। परिवार के पास अपनी जमीन तक नहीं थी। जमीन किराए पर लेकर वो खोती करते थे, लेकिन पिता ने बेटे की ट्रेनिंग में कभी बाधा नहीं आने दी। ट्रेनिंग में कभी खलल न पड़े इसलिए खुद रोज 70 किमी का सफर कर रवि के लिए दूध और मक्खन लेकर पहुंचते थे। रवि ने 1982 में एशियन गेम्स मुकाबले में गोल्ड जीतन वाले सतपाल सिंह से ट्रेनिंग ली है।

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